भोपाल। प्रदेश सरकार किसानों को अल्पवर्षा की वजह से हुए नुकसान की भरपाई राहत राशि देकर करेगी। इसके अलावा कीट-व्याधि से हुई क्षति का मुआवजा भी दिया जाएगा। सूखा राहत के लिए 11 जिलों को राजस्व विभाग ने 462 करोड़ रुपए दिए हैं।

इस राशि से सूखे से निपटने की कार्ययोजना पर काम करने में कलेक्टरों को मदद मिलेगी। वहीं, केंद्र को भी सरकार ने राहत सहायता के लिए पौने तीन हजार करोड़ रुपए का प्रस्ताव बनाकर भेजा है।

प्रदेश के विभिन्न् जिलों ने राहत आयुक्त कार्यालय को प्रस्ताव भेजकर राहत राशि की मांग की थी। इसके मद्देनजर मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली उच्च स्तरीय समिति ने राहत राशि मंजूर कर दी।

इसके तहत छतरपुर को 68 करोड़, भिंड को 2 करोड़, सीधी को 13 करोड़, ग्वालियर को सवा दो करोड़, टीकमगढ़ को 73 करोड़ 34 लाख, सागर को 81 करोड़, दमोह को 56 करोड़ 55 लाख, श्योपुर को 36 करोड़, अशोकनगर को 62 करोड़ 46 लाख, मुरैना 2 करोड़ 26 लाख और शिवपुरी को 64 करोड़ 82 लाख रुपए की स्वीकृति की गई है।

सरकार ने तय किया है कि किसी भी प्रभावित को नकद राशि नहीं दी जाएगी। इसकी जगह कोर बैंकिंग के माध्यम से राशि सीधे बैंक खातों में जमा कराई जाएगी। साथ ही प्रभावितों के बैंक नंबर और मोबाइल नंबर भी रखे जाएंगे।

सूखा निगरानी के लिए बनाई समिति

सूखा की स्थिति और उसको लेकर किए जा रहे कामों की निगरानी करने के लिए सरकार ने मुख्य सचिव बसंत प्रताप सिंह की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय सूखा निगरानी समिति बनाई है। इसमें अपर मुख्य सचिव कृषि, अपर मुख्य सचिव वित्त, प्रमुख सचिव उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण, प्रमुख सचिव सहकारिता और संचालक भू-जल बोर्ड को सदस्य बनाया गया है।