भोपाल। राजधानी से दूसरे शहरों को बस सेवा से जोड़ने के लिए सूत्र सेवा के तहत 56 बसों की शुस्र्आत हो चुकी है। भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड (बीसीएलएल) के पास गत मई महीने में 75 बसें आई थीं। आरटीओ से परमिट होते ही बची हुई 19 बसें भी उतारी जाएंगी।

34 शहरों में कुल 110 बसों का संचालन होना है। इसमें 62 एसी और 48 नॉन एसी बसें शामिल हैं। बीसीएलएल ने सूत्रसेवा की बसों का संचालन चार्टर्ड स्पीड प्राइवेट लिमिटेड और श्री दुर्गम्मा ट्रांस-वे प्राइवेट लिमिटेड को सौंपा है। होशंगाबाद रोड, रायसेन रोड से होकर जाने वाली बसें आईएसबीटी और इंदौर रूट की ओर जाने वाली बसें हलालपुर से संचालित की जा रही हैं।

बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 23 जून 2018 में इंदौर से सूत्र सेवा की शुरुआत की थी। शुस्र्आत में बीसीएलएल ने भोपाल से जबलपुर के लिए दो बसें चालू की थीं। इसके बाद भोपाल से छिंदवाड़ा, अशोक नगर, आष्टा के लिए चालू हुईं। अब धीरे-धीरे 22 शहरों के लिए बसों की संख्या 56 तक पहुंच चुकी है। भोपाल आरटीओ से दो-तीन महीने तक परमिट नहीं मिलने से बस संचालन में देरी भी हुई।


भोपाल से इन शहरों के लिए चालू हुई बस सेवा

भोपाल से नीचम, खिलचीपुर, झाबुआ, खरगौन, सेंधवा, गोरेगांव, अलीराजपुर, रतलाम, उज्जैन, गंजबासौदा, गुना, चतरा, राजनगर, सिरोंज, सिलवानी, बैतूल, पांढुर्ना, सारणी।


यह मिलना है सुविधाएं

इस बस सेवा में आईटीएमएस, उपकरणों जैसे जीपीएस, पीआईएस, पीएएस आदि लगाए जाने का प्रावधान किया गया है। महिलाओं की सुरक्षा के दृष्टिगत पैनिक बटन, कैमरा जैसे यंत्र लगे होने चाहिए। इन बसों को शहरों में बनाए कंट्रोल कमांड सेंटर के साथ पब्लिक ग्रिवेन्स सिस्टम तथा हेड कंट्रोल कमांड सेंटर से लिंक किया जाना था। साथ ही यात्रियों को सिंगल टिकट सिस्टम वेबसाइट और मोबाइल एप्लिकेशन की सुविधा भी प्रदान की जानी है। हालांकि ऑपरेटर स्तर पर ही टिकट दिए जा रहे हैं।


बीसीएलएल ही करेगा मॉनिटरिंग

सूत्र सेवा की बसें समय पर न चलने, हर कहीं बस रोकने, तेज रफ्तार से चलाने पर ऑपरेटर के खिलाफ सुनिश्चित हो सकेगी। आरटीओ द्वारा यात्री वाहनों के हिसाब से तय किराया ही वसूला जा सकेगा। सुविधा नहीं मिलने पर बीसीएलएल कार्यालय में इसकी शिकायत की जा सकेगी।


इनका कहना

जैसे जैसे परमिट मिलते जा रहे हैं, सूत्रसेवा की बसों की संख्या बढ़ाई जा रही है। बसों में मिलने वाली अन्य सुविधाएं भी बढ़ाई जाएंगी। किसी तरह की असुविधा होने पर यात्री बीसीएलएल कार्यालय में शिकायत कर सकते हैं।

राजेश राठौर, सीईओ बीसीएलएल