भोपाल। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के संभागीय दौरों के बाद संगठन स्तर पर टिकट वितरण की कवायद शुरू की जाएगी। अब तक चार सर्वे पार्टी ने करवाए हैं। जिसकी रिपोर्ट कंपाइल होने के बाद पार्टी छंटनी का काम शुरू करेगी।

जनआशीर्वाद यात्रा और विधानसभा सम्मेलन में जिन दावेदारों के नाम आए हैं, उन्हें भी पैनल में लिया जाएगा। जिन विधायकों का प्रदर्शन कमजोर आया है। उनकी अलग से सूची तैयार कर पार्टी पहले उनसे बातचीत करेगी। पार्टी नेताओं की मानें तो जल्द ही प्रदेश चुनाव समिति का पुनर्गठन किया जाएगा।

भाजपा सूत्रों के मुताबिक पार्टी ने चुनाव की तैयारी के लिए लगभग सवा साल पहले से ही प्रक्रिया शुरू कर दी थी। राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के अगस्त 2017 को भोपाल प्रवास पर आने से पहले ही पार्टी ने प्रदेश में एक सर्वे करवा लिया था। इसमें पार्टी ने मौजूदा विधायकों के परफॉरमेंस का आकलन कराया था।

पार्टी हर चार-छह महीने में अलग-अलग एजेंसियों के माध्यम से प्रदेशवासियों की नब्ज टटोल रही है। माना जा रहा है कि अब टिकट वितरण की फाइनल तैयारी राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के संभागीय दौरों के बाद होगी। पार्टी सूत्रों ने बताया कि शाह की टीम प्रदेश में सक्रिय है। वह भी अपने स्तर पर फीडबैक जुटा रही है।

सर्वे की रिपोर्ट, विधानसभा क्षेत्रवार हुए सम्मेलन में सामने आए दावेदारों के नाम, पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष राकेश सिंह द्वारा जिले के संगठन नेताओं के साथ की गई वन-टू-वन बातचीत में आए दावेदार और मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान की जनआशीर्वाद यात्रा के दौरान आए नामों का पैनल तैयार कर पार्टी पदाधिकारी विचार करेंगे।

माना जा रहा है कि दिग्गज नेताओं के बीच रायशुमारी के बाद पैनल को हरी झंडी दी जाएगी। इसके बाद ही नाम प्रदेश चुनाव अभियान समिति के सामने रखे जाएंगे। प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ नेता ने स्वीकार किया कि शाह के दौरों के बाद टिकट की कवायद शुरू कर दी जाएगी।