भोपाल (नप्र)। 61साल के अरविंद जोशी को ब्लड कैंसर है। जिसे मेडिकल साइंस में मायलो डायस्प्लास्टिक यानी एमडीएस कहा जाता है। इस समय जोशी की यह बीमारी हाई रिस्क स्टेज में है। इस बीमारी का इलाज बोन मैरो ट्रांस्प्लांट यानी बीएमपी से संभव है।

यदि जोशी को जेल में रखा गया, तो उनका उचित इलाज नहीं हो सकेगा। इस स्थिति में जोशी का जीवन घटकर मात्र 2 वर्ष का रह जाएगा। जोशी की बीमारी को लेकर यह दलील उसके वकील प्रतुल्य शांडिल्य ने जमानत अर्जी पेश करने के बाद दी। वकील इस बिना पर जोशी की जमानत हासिल करने के भरसक प्रयास किए लेकिन कोर्ट ने साफ इंकार कर दिया।

जमानत अर्जी पर सुनवाई के दौरान जोशी के वकील ने इलाज संबंधी दस्तावेज भी पेज किए। जिनके माध्यम से यह बताया गया कि जोशी को सबसे पहले वर्ष 2006 में दिल्ली में उपचार के दौरान ब्लड कैंसर होने की जानकारी मिली। इसके बाद 2008 में लंदन में उपचार के दौरान ब्लड कैंसर की पुष्टि हुई। तब से अब तक मुंबई के जसलोक अस्पताल में लगातार इस बीमारी का इलाज चल रहा है। वहीं जोशी की जमानत अर्जी का लोकायुक्त की ओर से विरोध किया गया और पुलिस रिमांड की मांग की गई।

13 माह में सुप्रीम कोर्ट तक लगाया जोर

आय से अधिक संपत्ति रखने के मामले में आरोपी आईएएस अरविंद जोशी ने पिछले 13 माह की फरारी के दौरान सारे कानूनी दांव-पेंचों का सहारा ले डाला। जिला अदालत, हाईकोर्ट और अंत में सुप्रीम कोर्ट तक से अग्रिम जमानत हासिल करने के पूरे प्रयास किए। जिला अदालत ने जोशी के खिलाफ 28 अगस्त 2014 को गिरफ्तारी वारंट जारी करते हुए फरार घोषित कर दिया था।

इसके बाद जोशी ने तत्कालीन अपर-सत्र न्यायाधीश बीके द्विवेदी की अदालत में अग्रिम जमानत अर्जी पेश की थी। जिसे 12 नवंबर 2014 को खारिज कर दिया गया। इस आदेश के खिलाफ जोशी ने हाईकोर्ट जबलपुर में अग्रिम जमानत अर्जी पेश की थी, जिसे 25 मार्च 2015 को खारिज कर दिया गया। जोशी ने अंतिम प्रयास करते हुए 6 अप्रैल 2015 को सुप्रीम कोर्ट में अग्रिम जमानत अर्जी के लिए आवेदन किया था, जिसे हाल ही में 7 सितंबर 2015 को खारिज कर दिया गया।

क्या है मामला

1979 बैच के आईएएस टीनू अरविंद जोशी दंपती ने 10 दिसंबर 2010 के बीच भ्रष्टाचार के जरिये करोड़ों की संपत्ति अपने व अपने परिजनों के नाम पर अर्जित की थी। इस संबंध में लोकायुक्त ने वर्ष 2010 में छापा मारकर बेनाम संपत्ति पाई थी। जिसमें उनके पास से 41 करोड़ 87 लाख 35 हजार 821 रुपए की आय से अधिक संपत्ति पाई गई थी। उनके पास से बरामद दस्तावेजों में उनके परिजनों, मित्रों व अन्य लोगों के नाम पर बेनाम संपत्ति, बैंक एफडी और कई बैंक खाते होने की जानकारी मिली थी। लोकायुक्त पुलिस ने इस मामले में टीनू-अरविंद जोशी, एच एम जोशी, निर्मला जोशी, पवन कुमार अग्रवाल, सीमांत कोहली, सीमा जायसवाल, ललित जग्गी, एसआर कोहली, साहिल कोहली, राजरानी, हर्ष कोहली, श्रीदेव शर्मा और संतोष जायसवाल व अन्य के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(1) ई, 13(3) और भादवि की धारा 467, 468, 109 और 120-बी के तहत अपराध पंजीबद्घ कर मामले का चालान 1 मार्च 2014 को पेश किया था।