भोपाल। विधानसभा उपाध्यक्ष के चुनाव को लेकर विधानसभा में हंगामे के बाद नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने स्पीकर एनपी प्रजापति पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा राष्ट्रपति को शिकायत करेगी। अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने पर भी विचार-विमर्श करेंगे।

पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान एवं पूर्व विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीतासरन शर्मा ने भी कहा कि विधानसभा अध्यक्ष ने आसंदी से निष्पक्षता का गला घोंट दिया।

शीतकालीन सत्र संपन्न होने के बाद नेता प्रतिपक्ष भार्गव के साथ चौहान एवं डॉ. शर्मा प्रेस से मुखातिब थे। उन्होंने आरोप लगाया कि संसदीय इतिहास में यह काला दिन था, लोकतांत्रिक संस्थाओं का कत्लेआम किया जा रहा है।

भार्गव ने कहा कि सत्तारूढ़ दल ने उपाध्यक्ष पद का चुनाव करा लिया और विपक्ष की आपत्ति अनदेखी कर दी। यहां तक कि पूर्व मुख्यमंत्री चौहान एवं पूर्व स्पीकर डॉ. शर्मा को भी पाइंट ऑफ ऑर्डर नहीं उठाने दिया। इस मुद्दे पर राज्यपाल के समक्ष आपत्ति दर्ज कराकर राष्ट्रपति से भी शिकायत करेंगे। बोलने की आजादी छीनने को लेकर स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने कानूनी सलाह ले रहे हैं, अदालत भी जाएंगे।

लोकतंत्र का गला नहीं घोंटने देंगे

मैं 13 साल मुख्यमंत्री रहा, 5-5 बार का सांसद-विधायक हूं। सामान्य वर्ग के गरीबों को 10 फीसदी आरक्षण की बधाई सदन में देना चाहता था, उसमें टोका-टाकी की गई। हम प्रतिपक्ष की आवाज और लोकतंत्र का गला घोंटने नहीं देंगे। स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाएंगे।

- शिवराज सिंह चौहान, पूर्व मुख्यमंत्री

हमारी बात नहीं सुनी

विधानसभा उपाध्यक्ष के चुनाव में एक प्रत्याशी का नाम नहीं पढ़ा। हमें पाइंट ऑफ आर्डर उठाने का हक है, लेकिन बिना सुनवाई करे उसे अमान्य कर दिया। यह पूरी तरह गलत है।

- डॉ. सीतासरन शर्मा, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष

पहले दिन से परंपराएं तोड़ीं

सत्तापक्ष द्वारा पहले दिन से ही परंपराएं तोड़ी जा रही हैं। प्रोटेम स्पीकर, विधानसभा अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष के चुनाव में भी नियमों का उल्लंघन किया। डिवीजन भी नहीं कराया, सत्ता पक्ष के खिलाफ कोर्ट जाने के लिए कानूनविदों से सलाह करेंगे।

- डॉ. नरोत्तम मिश्रा, पूर्व संसदीय मंत्री