भोपाल। राजगढ़ जिले के ब्यावरा के रहने वाले 27 साल के रवी जाटव के सिर में किसी ने गुप्ती मार दी। गुप्ती सिर में बाई आंख के ऊपर करीब साढ़े चार इंच गहराई तक धंस गई। सोमवार को हमीदिया अस्पताल में करीब 16 घंटे बाद गुप्ती को सर्जरी कर निकाला गया। मरीज की हालत अब खतरे से बाहर है। उसे एक हफ्ते तक निगरानी में रखा जाएगा।

रवी जाटव के जीजा महेश ने बताया कि रविवार रात 8 बजे विवाद के दौरान किसी ने उसके सिर में गुप्ती मार दी। थाने में एफआईआर दर्ज कराने के बाद इलाज के लिए ब्यावरा के सरकारी अस्पताल में लेकर गए। यहां से डॉक्टरों ने हमीदिया अस्पताल रेफर कर दिया। रात रविवार रात 12 बजे हमीदिया पहुंचने पर इमरजेंसी में इलाज शुरू किया गया। डॉक्टरों ने ऐसी दवाएं दी, जिससे मरीज को संक्रमण न फैले। इसके बाद रविवार को सर्जरी करने का निर्णय लिया गया। न्यूरोसर्जरी के कंसल्टेंट डॉ. आईडी चौरसिया के साथ डॉक्टरों की टीम ने सर्जरी की। उन्होंने बताया कि अच्छी बात है कि युवक या परिजन ने गुप्ती नहीं निकाली नहीं तो ब्लीडिंग से युवक की जान भी जा सकती थी। उन्होंने बताया कि हथियार और धंसता तो युवक की आंख की रोशनी जा सकती थी। सूघने की क्षमता प्रभावित हो सकती थी। यहां तक कि युवक का जान भी जा सकती थी। सर्जरी में उनके साथ डॉ.प्रतीक, डॉ.ब्रम्हानंद, डॉ. गौरव व डॉ. कुणाल के अलावा एनेस्थीसिया के एचओडी डॉ. आदित्य अग्रवाल, डॉ. संदीप राठौर शामिल थे।