भोपाल। शहर के नेहरू नगर इलाके में गुरुवार की शाम कुछ नाबालिगों ने मिलकर एक 14 वर्षीय छात्र की हत्या कर दी। घटना की वजह प्रारंभिक तौर पर बच्चों में क्षेत्र में वर्चस्व को लेकर चल रहा विवाद है। मृतक छात्र के माता-पिता पेशे से वकील हैं। पुलिस ने घटना के कुछ समय बाद ही मुख्य आरोपित को हिरासत में ले लिया है, जिससे हत्या की वजह और उसके अन्य साथियों को लेकर पूछताछ की जा रही है।

कमला नगर थाना पुलिस के अनुसार शाम करीब सवा सात बजे नेहरू नगर स्थित मुदगल वाले हनुमान मंदिर के पास रहने वाला कक्षा 9वीं का छात्र आर्यन तिवारी उर्फ आयुष अपने घर पर था। उसी दौरान उसे कुछ बच्चों ने फोन कर घर के बाहर बुलाया। घर से करीब 50 मीटर दूर आयुष जैसे ही पहुंचा, वहां मौजूद कुछ अन्य हम उम्र बच्चों ने उसे पीटना शुरू कर दिया। इस दौरान कोई धारदार हथियार आयुष के गले के बाईं ओर लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसकी अस्पताल में इलाज मिलने से पहले ही मौत हो गई।

पुलिस ने बताया कि बच्चों में पिछले कुछ दिनों से क्षेत्र में वर्चस्व को लेकर विवाद चल रहा था। चार दिन पहले भी आरोपित अपने कुछ साथियों के साथ आयुष के घर पर आया था और उस दौरान भी आयुष को आरोपित ने साथियों के साथ मिलकर पीटा था, जिन्हें बाद में आसपास के लोगों द्वारा बीच-बचाव कर अलग किया गया था।

इस विवाद की जानकारी आयुष के परिजनों को भी मिली थी, लेकिन उन्होंने बच्चों में होने वाला विवाद मानकर गंभीरता से नहीं लिया था। वही विवाद तीन दिन बाद हत्या की वजह बन गया। घटना के बाद मौके पर पहुंचे एडिशनल एसपी संजय साहू ने बताया कि एक आरोपित को हिरासत में लिया गया है। पूछताछ में उसने मारपीट होना स्वीकार किया है। आरोपित से उसके अन्य साथियों व घटना को लेकर और पूछताछ की जा रही है। मृतक छात्र को गंभीर चोट कैसे आई, इसका खुलासा पीएम रिपोर्ट से ही हो सकेगा।

नहीं दी थी घरवालों को विवाद की जानकारी

मृतक के चचेरे भाई यश तिवारी ने बताया कि आयुष का बर्ताव कुछ दिनों से बदल गया था। फोन आते ही घबराहट चेहरे पर दिखाई देती थी। इस बारे में जब-जब परिवार वालों ने बातचीत करना चाही तब-तब आयुष गोलमोल जवाब देकर बात को टाल देता था। इसके बाद आयुष के दोस्तों से भी जानकारी लेने की कोशिश की गई थी। लेकिन उसके मित्रों से भी तनाव की कोई खास वजह नहीं मिली।

धार्मिक प्रवृत्ति का था आयुष

मृतक आयुष परिवार का इकलौता बेटा था। बड़ी बहन, माता-पिता और चाचा के परिवार के साथ आयुष संयुक्त परिवार में पला था। मृतक के पिता हेमेंद्र तिवारी व मां रेखा तिवारी दोनोें ही पेशे से वकील है। परिवार वालों ने बताया कि आयुष की धार्मिक कार्यों में विशेष रुचि थी। मृतक के नाना शहर के मशहूर ज्योतिषी पं. रामजीवन दुबे घटना की सूचना मिलने के बाद बेसुध हो गए। उधर, जनसंपर्क मंत्री पीसी शर्मा भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने परिजनों को सांत्वना दी।

वर्चस्व की थी लड़ाई

आयुष क्षेत्र में सामाजिक व धार्मिक कार्यों को लेकर सक्रिय रहता था। वह नवरात्र गरबा महोत्सव नेहरू नगर मंडल का अध्यक्ष था। लिहाजा क्षेत्र के छात्र-छात्राओं में उसकी पूछ परख ज्यादा थी। पुलिस ने बताया कि इसी बात को लेकर क्षेत्र के कुछ लड़कों से अकसर विवाद की स्थिति बनती थी। यही विवाद बाद में मारपीट में तबदील हो गया था

आयुष ने किया था पुलिस में शिकायत से इंकार

पूछताछ में पुलिस ने पाया कि क्षेत्र के लड़कों से आयुष का विवाद चल रहा था। दोनों ही पक्षों में पहले भी न सिर्फ कहासुनी हुई बल्कि मारपीट भी हुई। तीन दिन पहले आयुष के नेहरू नगर स्थित घर पर 10-15 लड़के विवाद करने पहुंचे थे। परिजनों को विवाद पता न चल सके, इसलिए आयुष घर से कुछ दूरी पर पहुंच गया।

इस विवाद की जानकारी पड़ोस में रहने वाले अजय श्रीवास्तव को मिली। अजय ने मामला शांत कराया था। कुछ ही देर बाद आयुष पड़ोसी अजय के घर रोते हुए पहुंचा। साथ ही लड़कों द्वारा मारपीट की बात अजय को बताई। अजय ने पुलिस में मामले की शिकायत करने की बात कही, लेकिन आयुष ने छवि खराब होने व परिजनों के डर के कारण पुलिस में शिकायत करने से इंकार कर दिया।