भोपाल। तुम्हारे साथ कौन है? जो तुम्हारे मामले में बचाव करेगा? मैंने ऐसा गुनाह किया है, मुझे कौन बचाएगा? मुझे फांसी दे दो।

ये सवाल-जवाब विशेष न्यायाधीश कुमुदनी पटेल की अदालत में बुधवार शाम को हुए। मौका था कमलानगर इलाके में हुई दस साल की बच्ची की दुष्कर्म के बाद हत्या के मामले में गिरफ्तार आरोपित विष्णु बामोरे उर्फ बबलू की कोर्ट में हुई पेशी का। इस दौरान पुलिस ने आरोपित के खिलाफ जुटाए अहम सबूतों के साथ 108 पन्नाें का चालान भी पेश किया। इस मामले में अहम बात यह है कि पुलिस आरोपित की गिरफ्तारी के 48 घंटे में चालान पेश कर दिया और कोर्ट ने भी चालान के पंजीयन और आगे की कार्रवाई के लिए अगले दिन की तारीख नियत कर दी है।

सेंट्रल जेल से आरोपित विष्णु को जिला अदालत की हवालात में लाया गया। शाम करीब 4 बजे कड़ी सुरक्षा के बीच उसे विशेष न्यायाधीश कुमुदनी पटेल की कोर्ट में पेश किया गया। कटघरे में दाखिल होते ही कोर्ट ने विष्णु से पूछा, तुम्हारे परिवार को सूचना मिल गई। विष्णु ने हामी भरी। साथ ही बताया कि परिवार में उसकी सिर्फ मां है। कोर्ट ने पूछा, तुम्हारी मां नहीं आई क्या? विष्णु ने कहा कि मैरे साथ कोई नहीं आना चाहता। कोर्ट ने कहा कि कोई ऐसा है,जो तुम्हें छुड़ा सके, बचा सके? विष्णु ने कहा मैंने ऐसा गुनाह किया है, मुझे कौन बचाएगा,फांसी दे दो...।

मां की चिंता हो रही है, मासूम पर तरस नहीं आया था?

कोर्ट ने सवाल किया कि तुमने ऐसा क्यों किया? विष्णु ने कहा मैंने शराब पी रखी थी, नशे में गलती हो गई। मेरी मां के अलावा मेरा कोई नहीं है। मेरी मां को कौन संभालेगा? इस पर कोर्ट ने तल्ख लहजे में पूछा कि अब तुम्हें अपनी मां का ख्याल आ रहा है। उस बच्ची के साथ दरिंदगी के समय मासूम पर तरस नहीं आया था? विष्णु ने कहा पता नहीं कैसे गलती हो गई। मुझे सजा दे दो। कोर्ट ने कहा कि तुम्हारे हाव-भाव देखकर लगता कि तुम्हें अपने किए पर किसी तरह का पछतावा नहीं है। दिखावे के लिए ही बार-बार फांसी की मांग कर रहे हो।

जुर्म ऐसा है कि कोई वकील पैरवी को तैयार नहीं है

कोर्ट ने पूछा कि इस प्रकरण में तुम किसी वकील की मदद लोगे? विष्णु ने कहा कि वकील को फीस देने के लिए मेरे पास रुपए नहीं है। इस बीच सरकारी वकील ने जानकारी दी कि बार ऐसोसिएशन का फैसला है कि कोई भी वकील इस जघन्य अपराध के आरोपित की पैरवी नहीं करेगा।

कोर्ट ने फिर कहा, तुमने ऐसा जुर्म किया है कि कोई भी वकील तुम्हारी पैरवी नहीं करना चाहता। इस पर विष्णु ने कहा कि फिर मुझे मेरे गुनाह की सजा दे दो। मुझे फांसी दे दो। कोर्ट ने कहा कि तुम्हारे प्रकरण की विधि अनुसार सुनवाई होगी। तुम्हे लीगल एड से वकील की सुविधा मिल सकती है। विष्णु ने कहा कि आप मुझे बचा सकते हो तो बचा लो। कोर्ट ने जब कहा कि अपराध साबित होगा, तो सजा भी होगी। इस पर विष्णु ने फिर कहा कि उसे फांसी दे दो।

कोर्ट ने फिर पूछा कि क्या इस तरह का बयान तुमने पुलिस को दिया है? इस सवाल के जवाब में विष्णु खामोश हो गया। आरोपित विष्णु द्वारा बार-बार फांसी दिए जाने की मांग पर कोर्ट ने वहां मौजूद सीएसपी भूपेंद्रसिंह से पूछा कि क्या आरोपित के बयान दर्ज किए गए हैं? सीएसपी ने मना कर दिया। कोर्ट ने आरोपित के बयान दर्ज कराने को कहा।

क्या शामिल है चालान में

लोक अभियोजन की प्रवक्ता सुधा विजयसिंह भदौरिया के मुताबिक पुलिस ने आरोपित विष्णु के खिलाफ 108 पन्नाों का चालान पेश किया है। प्रकरण में आरएफएसएल की रिपोर्ट संलग्न है, जो कि धनात्मक है। चालान के पंजीयन और आगे की कार्रवाई के लिए गुरुवार की तरीख तय की गई है।

क्या है मामला

8 जून की रात करीब 8 बजे नेहरू नगर स्थित मांडवा बस्ती में रहने वाली 10 साल की बच्ची अचानक लापता हो गई थी। 9 जून की सुबह 5 बजे बच्ची का शव घर के पास पड़ा मिला था। दुष्कर्म के बाद बच्ची की हत्या के आरोप में कमलानगर पुलिस ने बच्ची के पड़ोस में रहने वाले विष्णु बामोरे उर्फ बबलू को गिरफ्तार किया है। आरोपित के खिलाफ धारा 363,376एबी,342,302,201 और पोक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज किया है।