भोपाल। भोपाल सहकारी दुग्ध संघ आठ दिन से बिना सीईओ के चल रहा है। मटेरियल की खरीदारी नहीं होने से व्यवस्थाएं बिगड़ गई हैं। बाजार से सांची का छोटे पैकेट (200 एमएल) में मिलने वाला सादा दही सोमवार को दूसरे दिन बाजार से गायब रहा। वहीं कोलार क्षेत्र में लगातार दूध के पैकेट लीकेज (फटे) आ रहे हैं। मार्केटिंग बढ़ाने की जद्दोजहद कर रहे संघ के अधिकारी गर्मी के सीजन में मांग ज्यादा होने के बावजूद दही जैसे उत्पाद की पूर्ति नहीं कर पा रहे हैं। पैकिंग मटेरियल खत्म होने के कारण सप्लाई बंद करनी पड़ी है। पूर्व में भी ऐसा हो चुका है।

वहीं कुछ मार्गों पर दूध की सप्लाई देने वाले कर्मचारियों द्वारा जबरन पिन मारकर पैकेट फाड़ने की जानकारी आ रही है। इस कारण उपभोक्ता और पार्लर संचालक दोनों परेशान हैं।

जो दही दे रहे, वह ज्यादा पतला

संघ के अफसर आधे लीटर की पैकिंग में दही की सप्लाई करवा रहे हैं, जो जमा हुआ नहीं आ रहा है। यह दही पानी की तरह पतला है। उपभोक्ता निशांत उइके ने बताया कि 200 एमएल का सादा दही 20 रुपए में लेते थे, लेकिन वह नहीं मिल रहा है। इसके कारण आधे लीटर की पैकिंग में मिलने वाला सादा दही 45 रुपए में लिया था वह पूरी तरह पतला आया है।

कोलार क्षेत्र में दूध के पैकेट लीकेज बंट रहे

इधर, कोलार क्षेत्र में दूध के पैकेट लीकेज आ रहे हैं। औसतन एक कैरेट में एक से दो पैकेट लीकेज निकल रहे हैं। खासबात यह है कि पैकेट पैकिंग वाले पाइंटों के बजाय ये बीच से लीकेज हो रहे हैं। कोलार क्षेत्र के कुछ पार्लर संचालकों ने आशंका जताई है कि कुछ मार्गों पर सप्लाई करने वाले कर्मचारी पिन मारकर पैकेट लीकेज कर रहे हैं।

सीईओ के बिना खरीदी अटकी

बताया जा रहा है कि सीईओ के नहीं होने के कारण रोजाना होने वाली मटेरियल समेत अन्य सामग्रियों की खरीदी अटक गई है। वहीं कुछ ब्रांच अधिकारी मौज कर रहे हैं। यही वजह है कि दही की गुणवत्ता खराब आ रही है, दूध पैकेट फटे मिल रहे हैं।

इसलिए नहीं है सीईओ

आईएएस शशिभूषण सिंह संघ के सीईओ थे। हाल ही में उन्हे कलेक्टर बनाकर कटनी भेज दिया है। उन्होंने 3 जून को चार्ज छोड़ा है, तब से दुग्ध महासंघ ने भोपाल संघ के सीईओ का प्रभार किसी को नहीं दिया है। संघ के कर्मचारी नेताओं का कहना है कि पहली बार ऐसा हुआ है जब आठ दिन से संघ बिना सीईओ के चल रहा है।