भोपाल। आज प्रदेशवासियों के फिर गर्व करने का दिन है। प्रदेश का इंदौर और भोपाल देश में सबसे साफ सुथरे शहर हो गए हैं। स्वच्छता सर्वेक्षण 2018 में इंदौर को पहला और भोपाल को फिर दूसरा स्थान मिला है। जबकि चंडीगढ़ को तीसरे नंबर पर रहा।

बुधवार दोपहर को केंद्रीय आवास एवं शहरी विकास राज्य मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने ट्वीट के माध्यम से जानकारी दी। उन्होंने लिखा कि बधाई इंदौर भोपाल ने फिर से पहले और दूसरे स्थान पर खुद को दोहराया शाबाश। फिर शाम को कंद्रीय सचिव दुर्गाशंकर मिश्रा, मिशन डायरेक्टर वीके जिंदल ने 52 शहरों की सूची जारी की । हालांकि किस शहर को कितने अंक मिले हैं, एक दो दिनों में सूची जारी होगी।

चार साल पहले 2014 के स्वच्छता सर्वे में इंदौर 149वें और भोपाल 105वें स्थान पर था। फिर 2017 में सबसे स्वच्छ शहर मैसूर को इंदौर ने पांचवें स्थान पर पहुंचा कर यह ताज खुद के नाम कर लिया। इस साल यानि 2018 की टॉप टेन की सूची में सिर्फ इंदौर और भोपाल ही ऐसे शहर हैं जिन्होंने अपना स्थान बरकरार रखा है।

यह थी चुनौती... 4203 शहरों के बीच हुआ मुकाबला

दरअसल, 2017 में सिर्फ 434 शहर ही प्रतिस्पर्धा में शामिल थे। जबकि 2018 में स्वच्छता सर्वेक्षण में 4203 शहरों के बीच मुकाबला हुआ। इस बार चुनौती यह भी थी कि शहरी विकास मंत्रालय ने कचरा से खाद बनाने, सभी टायलेट में पानी की उपलब्धता सहित मैरिज गार्डन, अस्पताल, स्कूलों की समितियों के अंक भी तय किए थे।

भोपाल इंदौर की तुलना (2017 में)

तीन कटेगरी में अंक इंदौर - भोपाल

म्यूनिसिपल डॉक्यूमेंटेशन- (900): 875 829.58

इंडेपेंडेंट ऑब्जर्वेशन- (500): 435.78 483

सिटिजन फीडबैक और स्वच्छता एप-(600): 496.94 487.84

कुल नंबर (2000): 1807.72 1800.73

2018 में केटेगरी के हिसाब से बढ़ाए अंक

म्यूनिसिपल डॉक्यूमेंटेशन- 1400

इंडेपेंडेंट ऑब्जर्वेशन- 1200

सिटीजन फीडबैक- 1400

कुल- 4000 अंक

2017 में ये शहर थे टॉपटेन में

- इंदौर-1808

- भोपाल- 1800

- विशाखापटनम (आंध्रप्रदेश)- 1797

- सूरत (गुजरात)- 1762

- मैसूर (कर्नाटक)- 1743

- तिस्र्चिपल्ली (तमिलनाडु)- 1716

- नई दिल्ली म्युनिसिपल कांउसिल- 1708

- नवी मुंबई (महाराष्ट्र)- 1705

- तिस्र्पति (आंध्रप्रदेश)- 1704

- वड़ोदरा (गुजरात)- 1703