भोपाल। कांग्रेस विधायक जीतू पटवारी को राजधानी की विशेष अदालत ने जेल भेज दिया है। विधायक पटवारी ने मंगलवार को विशेष न्यायाधीश सुरेश सिंह की अदालत में सरेंडर कर अपने खिलाफ जारी गिरफ्तारी वारंट निरस्त करने की अर्जी पेश की थी।

अदालत ने जमानत अर्जी को खारिज करते हुए कहा कि आरोपित के खिलाफ पुलिसकर्मी को धक्का देकर शासकीय कार्य में बाधा डालने का मामला है। मामले में आरोपित निरंतर एक वर्ष से अनुपस्थित होता रहा है एवं उसकी ओर से किसी भी अधिवक्ता द्वारा भी उपस्थिति दर्ज नहीं कराई गई।

मामले में मुल्जिम बयान दर्ज किये जाने तय हैं किन्तु आरोपित की अनुपस्थिति के चलते न्यायालयीन कार्रवाई बाधित हुई है। आरोपित के उक्त रवैये को देखते हुए उसे जमानत का लाभ दिया जाना उचित नहीं है। मामले में अदालत ने विधायक जीतू पटवारी को 24 अप्रैल तक न्यायिक हिरासत में भेजने के आदेश किए हैं।

पटवारी के कोर्ट में सरेंडर होते ही वहां पर कांग्रेस नेताओं का जमावड़ा बना रहा। कोर्ट ने जब पटवारी का जेल वारंट बना दिया तो वहां जेल का पुलिस बल बुलवाकर अदालत से हवालात ले जाया गया जहां से केंन्द्रीय जेल भोपाल ले जाया गया।

क्या है मामला

मामला इंदौर स्थित खुड़ैल थाने का है, जहां 13 दिसंबर 2007 को कांग्रेस विधायक जीतू पटवारी के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाने का प्रकरण दर्ज किया गया था। मामले में फरियादी आरक्षक कैलाश ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वे चुनाव ड्यूटी के दौरान वाहनों की चेकिंग कर रहे थे तभी उन्होंने एक वाहन को रोकने का प्रयास किया।

जब वह अपने सहकर्मी पुलिस बल के साथ वाहन के पास पहुंचा तो वाहन चालक जीतू पटवारी उसे धक्का देकर वहां से भाग गया। सुप्रीम कोर्ट द्वारा राजनैतिक नेताओं के खिलाफ चल रहे मामलों के लिए विशेष अदालत गठित किए जाने के बाद यह मामला भोपाल की विशेष अदालत में स्थानांतरित हो गया था।

मामले में विशेष अदालत ने 4 अप्रैल को सुनवाई करते हुए पाया कि विधायक जीतू पटवारी के खिलाफ मामले में एक साल पूर्व से ही मुल्जिम बयान दर्ज किए जाने हैं लेकिन वह निरंतर अनुपस्थित होता रहा है और न्यायालयीन कार्रवाई आगे नहीं बढ़ सकी है।

सुनवाई के दिन भी जीतू पटवारी की अनुपस्थिति को देखते हुए गिरफ्तारी वारंट जारी करने के आदेश किए गए थे। इसके तहत 10 अप्रैल तक हाजिर होने को भी कहा गया था। इसके अलावा पटवारी के खिलाफ एक अन्य मामले में जमानती वारंट जारी किए गए थे।