भोपाल। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय का तृतीय दीक्षांत समारोह बुधवार को विधानसभा के सभागृह में आयोजित हुआ। समारोह के मुख्य अतिथि देश के उपराष्ट्रपति और विवि के कुलाध्यक्ष वेंकैया नायडू थे। यह पहली बार है, जब कुलाध्यक्ष विवि के दीक्षांत समारोह में मौजूद रहे। समारोह में विश्वविद्यालय महापरिषद के अध्यक्ष और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीतासरन शर्मा और जनसंपर्क मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा भी विशेष रूप से उपस्थित मौजूद रहे।

दीक्षांत समारोह में वरिष्ठ साहित्यकार व पर्यावरण संचार के क्षेत्र में कार्यरत अमृतलाल वेगड़, वयोवृद्ध पत्रकार माधव गोविंद वैद्य एवं वरिष्ठ पत्रकार महेश श्रीवास्तव को विद्या वाचस्पति (डीलिट) की मानद उपाधि प्रदान की गई। वेगड़ समारोह में नहीं आ सके, इस कारण उनके पुत्र शरद वेगड़ ने मुख्यअतिथि के हाथों मानद उपाधि ग्रहण की। इस मौके पर पीएचडी के 12 विद्यार्थियों को भी वेंकैया नायडू ने उपाधि प्रदान की। समारोह में वर्ष 2009 से 2017 तक के स्नातक-स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम के पास आउट स्टूडेंट्स को डिग्रियां प्रदान की गईं।

मातृ भाषा में होंगे सभी कोर्स

उपाधि प्रदान करने के बाद समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने कहा कि अपनी स्थापना कीढाई दशक की यात्रा में माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विवि ने देश को पत्रकारिता के क्षेत्र में कई विभूतियां दी हैं। पत्रकारिता के छात्रों को यह बात समझनी होगी कि उपाधि और रोजगार पढ़ाई का मुख्य लक्ष्य नहीं है। पत्रकारिता का क्षेत्र व्यापक है।

उन्‍होंने कहा कि मीडिया और इससे जुड़े लोग सनसनी फैलाने वाली और सतही खबरों को छोड़कर लोगों तक सही सूचना पहुंचाएं। मीडिया अपने सामाजिक कर्तव्यों को समझे। जातिगत भेतदभाव, महिला शोषण, जैसी विसंगतियों पर फोकस कर देश के विकास में योगदान दे। श्री नायडू ने कहा कि मीडिया एक मिशन है, कोई बिजनेस ग्रुप नहीं। नारी की गरिमा, वंचित वर्ग और पर्यावरण संरक्षण को प्रोत्साहित करना मीडिया का कर्तव्य है।

उन्होंने कहा कि देश में सभी कोर्सेस भारतीय भाषाओं में हों, इसके प्रयास होंगे। उन्होंने उपस्थित लोगों और स्टूडेंट्स को संबोधित करते हुए कहा कि अंग्रेजी सीखो पर अपनी मातृभाषा को कभी मत भूलो। घर में बातचीत अपनी मातृभाषा में ही करनी चाहिए। अपने शासन के दौरान अंग्रेजों ने ऐसे प्रयास किए कि हम अपनी मातृभाषा को भूल जाएं पर ऐसा हो नहीं पाया। चुनौती अब अगली पीढ़ी के साथ है।

बाजारवाद से जुझ रहा मीडिया

समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भारतीय लिबास में समारोह आयोजित करने के लिए विवि प्रशासन को ध्ान्यवाद दिया। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में मीडिया बाजारवाद की चपेट में है। भावी पत्रकारों को इस चुनौती से जूझते हुए अपने कर्तव्य और धर्म का पालन का करना होगा। पत्रकार सूचनादाता के साथ ही समाजसुधारक, एजेंडा तय करने वाला और समाज को दिशा देने वाला होता है और बाजार का हिस्सा नहीं है।

पारंपरिक वेशभूषा में आए विद्यार्थी और अतिथि

समारोह में अतिथि पीली पगड़ी, कुर्ता-पायाजामा और जैकेट धारण किए हुए थे, जबकि स्टूडेंट्स गुलाबी पगड़ी, जैकेट और कुर्ता- पायजामा (छात्राएं कुर्ता-सलवार) पहने नजर आए। समारोह में स्नातक और स्नातकोत्तर के करीब 300 स्टूडेंट्स ने रजिस्ट्रेशन कराया था, जबकि डिग्री लेने करीब 170 स्टूडेंट्स ही आए।

कुलपति जगदीश उपासने ने दीक्षांत उपदेश दिया। अंत में विस अध्यक्ष सीताशरण शर्मा ने मुख्य अतिथि वेंकैया नायडू को स्मृति चिन्ह भेंट किया, जबकि कुलपति जगदीश उपासने ने सभी अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। अंत में आभार प्रदर्शन कुलाधि सचिव लाजपत आहूजा ने किया। कार्यक्रम में सांसद आलोक संजर और कुलसचिव संजय द्विवेदी भी मौजूद थे। समारोह के बाद स्टूडेंट्स एक-दूसरे से मिलते नजर आए।