भोपाल (ब्यूरो)। प्रदेश के बर्खास्त पहले आईएएस दंपति अरविंद-टीनू जोशी के खिलाफ विशेष अदालत ने अनुपातहीन संपत्ति के मामले में संज्ञान लेते हुए गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया है। विशेष स्थापना पुलिस, लोकायुक्त संगठन ने करीब 42 करोड़ रुपए की अनुपातहीन संपत्ति का प्रकरण बनाकर चालान पेश किया था। कोर्ट ने छह लोगों को जेल भेज दिया है और इतनों के ही खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है।

विशेष न्यायाधीश दिनेश कुमार मिश्रा की अदालत ने गुरुवार को अरविंद-टीनू जोशी के मामले में संज्ञान लेते हुए कार्रवाई को अंजाम दिया। विशेष स्थापना पुलिस के अधिकारियों ने बताया कि अरविंद और टीनू जोशी करीब 42 करोड़ रुपए की आय के स्रोत नहीं बता पाए। प्रकरण के चलते ही दोनों वरिष्ठ अफसरों को नौकरी से हाथ धोना पड़ा है। अदालत में भ्रष्टाचार अधिनियम की धारा 13 (1)(ई) के तहत मामला पेश किया गया था। इस पर अदालत ने संज्ञान लिया है।

कोर्ट ने जोशी के कारोबारी सहयोगी एसपी के अलावा सीमांत कोहली, पवन अग्रवाल, ललित जग्गी, बीमा एजेंट सीमा और संतोष जायसवाल को जेल भेज दिया है। जबकि अरविंद-टीनू जोशी के साथ अरविंद की अप्रवासी भारतीय बहनें आभाघानी और विभा जोशी पार्किन के साथ गुवाहाटी का प्रापर्टी ब्रोकर श्रीदेव शर्मा, दिल्ली की स्टॉम्प वेंडर राजारानी और प्रदीप जैन के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया है।

वारंट तामीली के लिए केंद्र को लिखेंगे पत्र

विशेष स्थापना पुलिस के अधिकारियों ने बताया कि आभाघानी और विभा जोशी पार्किन के गिरफ्तारी वारंट तामीली के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय को पत्र लिखा जाएगा। अप्रवासी भारतीयों के मामलों में केंद्र सरकार ही कवायद करती है।

जोशी ने दोनों बहनों के नाम पर भोपाल के आसपास जमीनें खरीदी थीं। जबकि अप्रवासी भारतीय बिना केंद्र सरकार की इजाजत लिए कृषि योग्य भूमि खरीद ही नहीं सकते हैं। साथ ही खरीद-फरोख्त के लिए जो धन विदेश से आता है वो भारतीय रिजर्व बैंक के माध्यम से आता है। इस प्रकरण में इस तरह की कवायद के कोई प्रमाण नहीं मिले हैं।