वित्त मंत्री से समक्ष रखेंगे अपनी मांगें

भोपाल (नप्र)। सातवें वेतनमान को लेकर प्रदेश के कर्मचारी नेता दिल्ली कूच की तैयारी कर रहे हैं। वे केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह के साथ वित्त मंत्री अरुण जेटली से मुलाकात करेंगे और अपनी मांगे रखेंगे। श्री सिंह ने इंडियन सर्विस एम्पलाइज फेडरेशन (इपसेफ) के पदाधिकारियों को श्री जेटली से मिलाने का वादा किया है।

कर्मचारी पुरानी पेंशन योजना बहाल करने, नई भर्ती करने, स्वीकृत पदों पर आउट सोर्सिंग एवं संविदा के आधार पर की जा रही नियुक्तियां बंद करने, आयकर की सीमा पांच लाख करने, सातवें वेतन आयोग की कर्मचारी हितैषी अनुशंसाओं का लाभ केंद्र के समान केंद्रीय तिथि से राज्य के कर्मचारियों को देने सहित अन्य मांगों को लेकर केंद्रीय वित्तमंत्री से मिलना चाहते हैं। फेडरेशन ने इन्हीं मांगों का ज्ञापन केंद्रीय गृहमंत्री को सौंपा था। फेडरेशन के प्रदेश प्रभारी एमपी द्विवेदी ने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्री ने जनवरी के पहले हफ्ते में दिल्ली बुलाया है।

संयुक्त मोर्चा की बैठक 3 जनवरी को

मप्र अधिकारी-कर्मचारी संयुक्त मोर्चा के घटक संगठनों की बैठक 3 जनवरी को कर्मचारी भवन में आयोजित की जाएगी। मोर्चा के महामंत्री एवं मुख्य प्रवक्ता एमपी द्विवेदी ने बताया कि बैठक में कर्मचारियों की 10 मांगों पर चर्चा होगी और ज्ञापन सौंपने की तारीख तय की जाएगी। उन्होंने बताया कि बैठक में आंदोलन की रणनीति पर भी चर्चा होगी। आंदोलन के लिए हर संगठन को अलग-अलग जिलों की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।

स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं का नहीं हो रहा पंजीयन

मप्र स्वास्थ्य कर्मचारी समिति के संयोजक लक्ष्मीनारायण शर्मा ने आरोप लगाया है कि स्वास्थ्य विभाग के स्पष्ट निर्देश होने के बाद भी 3 हजार पुरुष बहुउद्देश्यीय स्वास्थ्य कार्यकर्ता एवं पर्यवेक्षकों का पंजीयन नहीं किया जा रहा है। जिससे कार्यकर्ताओं में असुरक्षा की भावना घर कर रही है। शर्मा ने बताया कि 1200 कार्यकर्ता एवं पर्यवेक्षक मप्र पैरामेडिकल काउंसिल में लाखों रुपए का पंजीयन शुल्क जमा कर चुके हैं। काउंसिल न तो राशि वापस कर रही है और न ही पंजीयन किया जा रहा है। बल्कि जमा राशि पर ब्याज लिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में राज्य कर्मचारी कल्याण समिति के अध्यक्ष के माध्यम से मुख्यमंत्री से भेंट कर समस्या बताई जाएगी।

5 जनवरी से आंदोलन शुरू करेंगे कृषि संविदा अधिकारी

कृषि विभाग में कार्यरत संविदा अधिकारी और कर्मचारी 5 जनवरी से चरणबद्घ आंदोलन शुरू करेंगे। यह निर्णय रविवार को शाहजहांनी पार्क में आयोजित 'कृषि संविदा अधिकारी-कर्मचारी संघ' की राज्य कार्यकारिणी की बैठक में लिया गया। मप्र संविदा अधिकारी-कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष रमेश राठौर और कृषि संघ के अध्यक्ष अमरसिंह जाटव ने बताया कि शासन आत्मा परियोजना में कार्यरत संविदा अधिकारियों और कर्मचारियों को हटाकर नई भर्ती करना चाहता है। उन्होंने बताया कि हम रिक्त पदों पर संविदा कर्मचारियों को नियमित करने की मांग कर रहे हैं। ऐसा नहीं होने पर 5 जनवरी को कालीपट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन से आंदोलन शुरू किया जाएगा। 22 फरवरी को किसान मित्रों के साथ कमलबंद हड़ताल की जाएगी।