भोपाल (स्टेट ब्यूरो)। लोकायुक्त संगठन ने सालभर में रिश्वत और अनुपातहीन संपत्ति के 200 मामलों में कार्रवाई की। रिश्वत खोरी के आरोपों में सबसे बड़ा मामला बालाघाट में सामने आया, जिसमें ग्रामीण यांत्रकी सेवा के कार्यपालन यंत्री ने सुरक्षा निधि लौटने के लिए तीन लाख रुपए की रिश्वत मांगी थी। इस तरह पूरे साल लोकायुक्त पुलिस की कार्रवाई से करीब 44 करोड़ रुपए की राशि जब्त होकर सरकारी खजाने में पहुंची।

लोकायुक्त संगठन की विशेष स्थापना पुलिस ने वित्तीय वर्ष 2018-19 में कार्रवाई कर 177 रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों पकड़ने और 21 अनुपातहीन संपत्ति अर्जित करने के प्रकरण दर्ज किए। यही नहीं लोकसेवक के पद के दुरुपयोग के 27 मामले दर्ज हुए। रिश्वत लेने के आरोपों में घिरने वाले लोगों से लोकायुक्त पुलिस ने 26 लाख 70 हजार से ज्यादा की राशि जब्त कर सरकारी खजाने में जमा कराई तो वहीं अनुपातहीन संपत्ति के 21 मामलों में लोकायुक्त पुलिस ने 43 करोड़ 70 लाख से ज्यादा की राशि को जब्त किया।

सुरक्षा निधि पर लोकसेवकों की नजर

सरकारी काम करने वाली संस्थाओं द्वारा जमा कराई जाने वाली सुरक्षा निधि पर भी लोकसेवकों की नजर होने और उसमें से राशि हड़पने की शिकायत लोकायुक्त पुलिस के पास पहुंची। ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के कार्यपालन यंत्री वीरेंद्र सिंह वर्मा के खिलाफ जेपी इंफ्रास्ट्रक्चर की 11 लाख रुपए की सुरक्षा निधि लौटाने के लिए तीन लाख रुपए की रिश्वत मांगे जाने के आरोप लगे। लोकायुक्त पुलिस की टीम ने वीरेंद्र सिंह को तीन लाख की रिश्वत लेते हुए पकड़ा जो 2018-19 का सबसे बड़ा रिश्वत लेने का मामला बना। इसी तरह प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क परियोजना में मुरम व मिट्टी खदान की एनओसी देने के लिए भी अनुविभागीय अधिकारी नरसिंहपुर आरके वंशकार ने दो लाख की रिश्वत मांगी और लोकायुक्त पुलिस ने उन्हें भी रंगेहाथों गिरफ्तार कर लिया।

पराक्रम के पास मिली साढ़े 11 करोड़ रुपए की अनुपातहीन संपत्ति

2018-19 में लोकायुक्त पुलिस ने जिन 21 अनुपातहीन संपत्ति के मामलों में कार्रवाई की, उनमें से धार के जिला आबकारी अधिकारी पराक्रम सिंह चंद्रावत के पास 11 करोड़ 45 लाख 59 हजार से ज्यादा की राशि की संपत्ति मिली है। इसी तरह इंदौर के एसडीओ फॉरेस्ट आरएन सक्सेना के यहां करीब तीन करोड़ 47 लाख तो इंदौर नगर पालिक निगम के बेलदार असलम खान के पास चार करोड़ 74 लाख से ज्यादा की संपत्ति मिली। छतरपुर के प्रभारी समिति प्रबंधक सेवा सहकारी समिति भानुप्रताप अवस्थी के यहां भी करीब तीन करोड़ 34 लाख अनुपातहीन संपत्ति मिली।