भोपाल। शहर के कला रसिकों के लिए भारत भवन में 13 अगस्त से दो दिवसीय विशेष संगीत संध्या का आयोजन किया जा रहा है। उस्ताद अलाउद्दीन खां संगीत एवं कला अकादमी और मध्य प्रदेश संस्कृति परिषद की ओर से 'दुर्लभ वाद्य प्रसंग' का आयोजन शाम 7 बजे से किया जा रहा है। पद्मश्री उस्ताद लतीफ स्मृति समारोह में संगीत की दुनिया में अपने दुर्लभ वाद्य से नाम करने वाले वरिष्ठ कलाकारों की प्रस्तुति होगी। कार्यक्रम के अंतर्गत 13 अगस्त को उस्ताद लतीफ खां सम्मान के साथ ही उस्ताद अब्दुल लतीफ खां का सारंगी वादन होगा। इसके बाद दिल्ली के पंडित डालचंद शर्मा का पखावज वादन होगा। उन्होंने संगीत की शिक्ष आचार्य पंडित तोताराम शर्मा और उनके दादा पंडित मुरलीधर शर्मा से प्राप्त की। साथ ही उन्होंने पद्मश्री पंडित पुरुषोत्तम दास से भी शिक्षण लिया। उन्होंने जर्मनी, फ्रांस, इटली, बेल्जियम, इंग्लैंड, स्कॉटलैंड, मोरक्को, स्विट्जरलैंड सहित देश के प्रतिष्ठित मंचों पर शानदार प्रस्तुतियां दी हैं। समारोह के दूसरे दिन 14 अगस्त को इंदौर की रागिनी त्रिवेदी के विचित्र वीणा वादन का आयोजन होगा। उन्होंने विचित्र वीणा वादन की प्रस्तुति सबसे पले भारत भवन में ही दी थी। विचित्र वीणा के साथ वे जल तरंग और सितार में भी पारंगत हैं। दूसरी प्रस्तुति के रूप में मुरादाबाद घराने से ताल्लुक रखने वाले मुराद अली के सारंगी वादन होगा। अंतिम प्रस्तुति मुंबई के उल्हास बापट की होगी। उन्होंने देश-विदेश के प्रतिष्ठित मंचों पर प्रस्तुति दी है। संगीत समारोह में सहयोगी कलाकारों के रूप में फारुख लतीफ सारंगी पर, सलीम अल्लाहवाले, अमान अली खां और रामेंद्र सिंह सोलंकी तबले पर, हरीश चंद पती पखावज पर संगत देंगे।