भोपाल। उस्ताद अलाउद्दीन खां संगीत एवं कला अकादमी और मध्य प्रदेश संस्कृति परिषद की ओर से भारत भवन में आयोजित 'दुर्लभ वाद्य प्रसंग' का गुरुवार को समापन हो गया। पद्मश्री उस्ताद लतीफ खां की स्मृति में आयोजित हुए इस समारोह में गुरुवार को इंदौरकी रागिनी त्रिवेदी ने विचित्र वीणा वादन किया। लयकारी और वीणा पर बजीं मधुर धुनों से रागिनी ने सभी का मन मोह लिया। रागिनी त्रिवेदी बताती हैं कि मेरे लिए भारत भवन में वीणा वादन बेहद अनोखा अनुभव होता है। यह मेरे लिए इसलिए भी खास है, क्योंकि विचित्र वीणा का सबसे पहला वादन मैंने भारत भवन में ही किया था। अगली प्रस्तुति मुरादाबाद घराने से ताल्लुक रखने वाले मुराद अली के सारंगी वादन की रही। अंत में मुंबई के उल्हास बापटने अपनी प्रस्तुति से सभी का दिल जीत लिया। संगीत समारोह में सहयोगी कलाकारों ने भी महफिल में खूब रंग जमाया। प्रस्तुति में सारंगी पर फारुख लतीफ, तबले पर सलीम अल्लाहवाले, अमान अली खां और रामेन्द्र सिंह सोलंकी ने संगत की। जबकि, पखावज पर हरीश चंद पति ने धुनों की डोर को संभाले रखा।