भोपाल। 17 वर्षीय नाबालिग ने सोमवार देर रात फांसी लगाकर जान दे दी। फांसी लगाने से पहले वह फोन पर मंगेतर से बात कर रही थी। मृतका के पिता ने आरोप लगाया है कि उनकी बेटी से मंगेतर अंगूठी की मांग कर रहा था। इससे दुखी होकर उसने फांसी लगा ली। उसकी शादी 18 अप्रैल को होने वाली थी। पुलिस को कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। मिसरोद पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस के मुताबिक कविता राजपूत (17) 11 मील के पास रहती थी। मृतका के पिता सुखराम निजी काम करते हैं। कविता 5 वीं क्लास तक पढ़ी थी। सुखराम का कहना है कि कविता की शादी ग्राम रायपुर, शुजालपुर निवासी रमेश से तय हुई थी। रमेश खेती-किसानी करता है। दो साल पहले कविता की सगाई हुई थी। कविता और रमेश की फोन पर अकसर बातें होती रहती थीं। सोमवार की रात करीब 10 बजे कविता मोबाइल पर रमेश से बात कर रही थी।

तभी रमेश ने कविता से कहा कि शादी में उसे एक सोने की अंगूठी और अच्छे कपड़े चाहिए। इसे लेकर दोनों में विवाद हो गया। इसके थोड़ी देर बाद कविता ने अपने आप को कमरे में बंद कर लिया। कुछ देर बाद सुखराम ने कविता को आवाज लगाई लेकिन वह बाहर नहीं आई। दरवाजा अंदर से बंद था। सुखराम ने पड़ोसी की मदद से दरवाजा तोड़ा तो देखा कविता फांसी के फंदे पर झूल रही थी। उसे पास स्थित एक अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच कर उसे मृत घोषित कर दिया।

चार भाई-बहनों में बड़ी थी

कविता के मामा दीवान सिंह राजपूत ने बताया कि कविता चार भाई-बहनों में सबसे बड़ी थी। उससे छोटा भाई सचिन, फिर बहन निकिता व रेणुका हैं। दीवान ने आरोप लगाया कि कविता के ससुराल वाले पूरे परिवार के लिए कपड़े और सोने की अंगूठी की मांग कर रहे थे। मृतका का मंगलवार को गांव मक्सी में अंतिम संस्कार कर दिया गया।