भोपाल। मध्यप्रदेश में अब हाउसिंग बोर्ड द्वारा बनाए जाने वाले घर और व्यावसायिक संपत्तियां सस्ती होंगी। बोर्ड संपत्तियों पर लिए जाने वाले प्रबंधन शुल्क, पूंजीगत ब्याज और विकास कार्यों के लिए ली जाने वाली फीस में कटौती कर रहा है। यह कटौती दो से आठ प्रतिशत तक रहेगी। इसका सीधा असर कीमत पर पड़ेगा, जो अपने घर का सपना संजोने वाले लोगों के लिए राहत भरा फैसला साबित होगा।

मप्र हाउसिंग बोर्ड की इस हफ्ते होने वाली बोर्ड बैठक में उपभोक्ताओं से वसूले जाने वाले विभिन्न् शुल्क में कटौती करने का प्रस्ताव रखा जाएगा। नए प्रस्ताव के मुताबिक बोर्ड सभी वर्गों के लिए सुपरविजन चार्ज तीन से आठ प्रतिशत घटाएगा।

वहीं जमीन की कीमत पर और निर्माण लागत पर लिए जाने वाले पूंजीगत ब्याज के शुल्क को भी करीब दो फीसदी कम किया जा रहा है। इसके साथ ही कॉलोनी के विकास कार्यों के लिए वसूले जाने वाले शुल्क में भी कटौती किए जाने का प्रस्ताव है। हाउसिंग बोर्ड के आयुक्त रवींद्र सिंह ने बताया कि शुल्क में कटौती करने की प्रक्रिया चल रही है।

पांच फीसदी सस्ते तक हो सकते हैं ईडब्ल्यूएस और एलआईजी

हाउसिंग बोर्ड के ईडब्ल्यूएस और एलआईजी वर्ग के घर करीब पांच फीसदी सस्ते हो सकते हैं। बोर्ड ईडब्ल्यूएस वर्ग से वसूले जाने वाले सुपरविजन चार्ज को आठ से घटाकर पांच प्रतिशत कर रहा है। जबकि निर्माण लागत पर पूंजीगत ब्याज का शुल्क 12 से घटाकर 10 फीसदी रहेगा। वहीं एलआईजी वर्ग के लिए सुपरविजन चार्ज 10 से घटाकर सात फीसदी किया जा रहा है, जबकि निर्माण लागत पर पूंजीगत ब्याज का शुल्क 12 से घटाकर 10 फीसदी होगा।

एमआईजी, एचआईजी की कीमतें दस फीसदी तक होंगी कम

एमआईजी और एचआईजी घरों की कीमत में लगभग 10 फीसदी गिरावट आने की संभावना है। एमआईजी घर के लिए सुपरविजन चार्ज 18 से कम कर 10 फीसदी और एचआईजी के लिए 20 से घटाकर 12 फीसदी किया जा रहा है। वहीं दोनों के लिए निर्माण लागत पर पूंजीगत ब्याज 13 से घटाकर 10 फीसदी, जमीन की कीमत पर पूंजीगत ब्याज का शुल्क 12 से घटाकर 10 प्रतिशत और विकास शुल्क 12 फीसदी से कम कर 10 फीसदी किया जा रहा है।

व्यवसायिक संपत्तियों पर भी कम होगा शुल्क

व्यवसायिक संपत्तियों पर भी सुपरविजन चार्ज छह फीसदी घटाया जा रहा है। वहीं निर्माण लागत और जमीन की कीमत पर पूंजीगत ब्याज का शुल्क दो प्रतिशत घटाया जा रहा है।

ऐसे समझें कीमत कम होने का गणित

- यदि 20 लाख रुपए का एलआईजी मकान है तो सुपरविजन चार्ज फीसदी यानी 60 हजार रुपए कम होंगे। एलआईजी मकान की निर्माण लागत यदि 10 लाख रुपए मानें तो पूंजीगत ब्याज शुल्क के दो फीसदी यानी 10 हजार रुपए कम होंगे। एलआईजी मकान की कीमत में इस तरह कुल 70 हजार रुपए कम हो जाएंगे।

- यदि 50 लाख रुपए का एमआईजी मकान है तो सुपरविजन चार्ज 8 फीसदी यानी करीब 4 लाख रुपए कम होंगे।

वहीं, निर्माण लागत यदि 20 लाख रुपए मानें तो पूंजीगत ब्याज शुल्क तीन फीसदी यानी 60 हजार रुपए कम होंगे। इसी तरह जमीन की कीमत 20 लाख रुपए मानें तो भूमि के मूल्य पर पूंजीगत ब्याज शुल्क दो फीसदी यानी 40000 कम होंगे। इसके अलावा विकास शुल्क में दो फीसदी की कटौती होने से करीब एक लाख रुपए और कम हो जाएंगे। इस तरह एमआईजी पर करीब 5 से 6 लाख रुपए का फायदा होगा।

उपभोक्ताओं को फायदा

बोर्ड बैठक में हाउसिंग बोर्ड द्वारा लगाए जाने वाले शुल्क कम किए जा रहे हैं। इससे उपभोक्ताओं को बड़ा फायदा होगा।

- कृष्णमुरारी मोघे, अध्यक्ष, मप्र हाउसिंग बोर्ड