भोपाल। उत्तरी भारत में हो रही बर्फबारी के चलते पूरा प्रदेश सोमवार को कोहरे की चपेट में रहा। कोहरे का सबसे ज्यादा असर भोपाल और शाजापुर में देखने को मिला। शाजापुर में दृश्यता 50 मीटर से कम रही। वहीं उज्जैन में हजार मीटर तक दृश्यता रही।

अन्य प्रमुख शहरों में 1 से 2 किमी तक की दृश्यता दर्ज की गई। आगामी 24 घंटे में उत्तरी मप्र में मध्यम से घना कोहरा छाए रहने की संभावना है। इधर, सोमवार को सीधी में 8.4 मंडला में 1.0 मिलीमीटर बारिश रिकार्ड की गई। वहीं सतना में हल्की बूंदाबादी हुई। प्रदेश में सबसे कम तापमान मंडल और बैतूल का छह डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया गया।

बता दें कि पहली बार कोहरे के कारण अधिकतम तापमान 26 डिग्री तक आ गया है। इस सीजन में पहली बार दिन का तापमान इतना नीचे आया है। उत्तरी हवाओं ने मालवा समेत प्रदेश में प्रवेश किया तो एकदम से तापमान में गिरावट आना शुरू हो गई।

रात का पारा 7.2 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया, जो सामान्य से 3.3 डिग्री कम है। वहीं न्यूनतम तापमान में 3.5 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है। वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक एके शुक्ला ने बताया कि मप्र के ग्वालियर चंबल संभाग में तो इस तरह का मौसम संभावित था, लेकिन यह प्रदेश के मध्य और पश्चिमी क्षेत्र तक आ गया। इस वजह से कई क्षेत्रों में घना कोहरा छाया हुआ है।

विदिशा में दोपहर 12 बजे तक छाया रहा कोहरा

विदिशा में दोपहर 12 बजे तथा होशंगाबाद में 11 बजे तक कोहरा छाया रहा। वाहन चालकों को हेडलाइट जलाकर चलना पड़ा। कृषि वैज्ञानिकों ने कोहरे को फसलों के लिए फायदेमंद बताया है। रायसेन में सुबह 6:30 बजे तक मौसम साफ था। इसके बाद 7:30 बजे तक ऐसा कोहरा छाया कि दो कदम दूर भी कुछ नहीं दिख रहा था।

10 बजे के बाद कोहरा छाया रहा। कृषि वैज्ञानिक डॉ. स्वप्निल दुबे ने बताया कि घना कोहरा फसलों के लिए फायदेमंद है। सबसे ज्यादा फायदा गेहूं की फसल को होगा। राजगढ़ और सीहोर, हरदा में भी सुबह 10 बजे तक कोहरा छाया रहा। दिनभर सर्द हवाएं चलती रहीं।