भोपाल। प्रदेश में भावांतर भुगतान योजना के तहत अब लहसुन को भी शामिल किया गया है। जिन जिलों में एक हजार हेक्टेयर से ज्यादा लहसुन की बोवनी होगी, वहां ही खरीदी की जाएगी।

पंजीयन 15 से 31 मार्च के बीच सहकारी समिति और मंडियों में भावांतर भुगतान पोर्टल से होगा। लहसुन का औसत लागत मूल्य तय करने के लिए गुरुवार को मंडी बोर्ड मुख्यालय में समिति की बैठक होगी।

कृषि विभाग ने गुरुवार को ही खरीफ और रबी फसलों की प्रति हेक्टेयर एवं प्रति क्विंटल लागत मूल्य की गणना करने के लिए राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति की अध्यक्षता में समिति गठित की है।

इन जिलों में लागू होगी योजना

भोपाल, जबलपुर, नीमच, रतलाम, उज्जैन, मंदसौर, इंदौर, सागर, छिंदवाड़ा, शिवपुरी, शाजापुर, राजगढ़, छतरपुर, आगर-मालवा, गुना, धार, देवास, सीहोर, रीवा, सतना।