अरविंद पांडेय, नईदिल्ली। ग्वालियर, जबलपुर और सागर सहित मध्य प्रदेश के 24 रेलवे स्टेशनों पर स्वास्थ्य मंत्रालय जल्द ही हॉस्पिटल और हेल्थ क्लीनिक खोलने जा रहा है। इनमें सागर में एक बड़ा हॉस्पिटल बनाने का प्रस्ताव है, जबकि खंडवा, बैतूल, कटनी और कोटा ( मप्र के क्षेत्र में) रेलवे स्टेशन के पास मध्यम दर्जे के अस्पताल बनेंगे।इसके अलावा प्रदेश के 23 रेलवे स्टेशनों पर हेल्थ क्लीनिक खोली जाएगी। स्वास्थ्य मंत्रालय ने अपने इस प्लान को अंतिम रुप देते हुए रेलवे से चिन्हित स्टेशनों के आसपास जमीन मांगी है।

स्वास्थ्य मंत्रालय के प्लान के मुताबिक मप्र के सागर, खंडवा, बैतूल और कटनी ऐसे चार रेलवे स्टेशनों होंगे, जहां अस्पताल के साथ ही हेल्थ सेंटर भी खोला जाएगा। इसके अलावा इस योजना की जो खास बात है, वह यह है कि रेलवे स्टेशनों के पास रेलवे की खाली पड़ी जमीन पर बनने वाले इन अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों (हेल्थ क्लीनिक) में आमलोगों को भी इलाज की सुविधा मिलेगी। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा आमलोगों तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधा पहुंचाने के लिए यह योजना बनाई है। योजना के तहत अस्पताल और स्वास्थ्य केंद्रों के लिए जमीन रेलवे मुहैय्या कराएगा, जबकि इसका निर्माण स्वास्थ्य मंत्रालय करेगा।

वहीं संचालन की जिम्मेदारी राज्य सरकार की रहेगी। स्वास्थ्य मंत्रालय से जड़े सूत्रों के मुताबिक योजना पूरी तैयार हो गई है। अगले साल यानि वर्ष 2016 के अप्रैल माह के बाद इस पर तेजी से काम शुरु होगा। योजना के तहत मप्र के साथ देश के 490 रेलवे स्टेशनों और टर्मिनलों के पास अस्पताल और स्वास्थ्य केंद्र खोला जाएगा। बता दें कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय और रेलवे के बीच जनकल्याण के कामों के लिए जमीन देने के लिए वर्ष 2010 में ही एक समझौता हो चुका है।

सागर में बनेगा बड़ा अस्पताल, मांगी गई 20 एकड जमीन

स्वास्थ्य मंत्रालय की योजना के तहत मप्र के सागर रेलवे स्टेशन पर एक बड़ा अस्पताल बनाया जाएगा। जिसके लिए मंत्रालय ने रेलवे ने 20 एकड़ जमीन मांगी है। इसके अलावा खंडवा, बैतूल,कटनी और कोटा(मप्र के हिस्से में) रेलवे स्टेशन के पास मध्यम दर्जे का अस्पताल खोला जाएगा। इसके लिए पांच-पांच एकड़ की जमीन मांगी गई है।

इन 23 रेलवे स्टेशनों पर बनेंगे हेल्थ क्लीनिंग

मंत्रालय ने 23 रेलवे स्टेशनों के समीप हेल्थ सेंटर भी खोलने का निर्णय लिया है। इनमें ग्वालियर, मुरैना, खजुराहो, खंडवा, बुरहानपुर, बैतूल, धोड़ाडोंगरी, सिंगरौली, जबलपुर, रीवा, दमोह, सतना, कटनी, सागर, मैहर, पिपरिया, नरसिंहपुर, इटारसी, विदिशा, बीना, होशंगाबाद, गंजबसौदा और गुना शामिल है। हेल्थ सेंटर के लिए 200 वर्ग मीटर की जगह मांगी गई है। हेल्थ क्लीनिक में डॉक्टरों की व्यवस्था के साथ जांच की भी सुविधा होगी।