भोपाल। आचार संहिता लागू होते ही भारत निर्वाचन आयोग ने सख्ती दिखाना शुरू कर दिया है। कहीं आचार संहिता का उल्लंघन न हो इसके लिए पहली बार राज्य में विधानसभा चुनाव में सी-विजिल यानी सिटिजन विजिलेंस मोबाइल एप का प्रयोग किया जा रहा है।

आयोग का ये मोबाइल एप 16 अक्टूबर से एक्टिवेट हो जाएगा। वहीं, दो नवंबर तक हर लोकेशन पर अधिकारियों की सूची भी सार्वजनिक कर दी जाएगी। ताकि आपकी शिकायत किस अधिकारी के पास है और कौन इसका निराकरण नहीं कर रहा है, इसकी मिनट-टू-मिनट जानकारी आपको एप पर दिखाई दे। एप से कोई भी नागरिक मोबाइल फोन से आचार संहिता के उल्लंघन और गड़बड़ियों की शिकायत सीधे आयोग से कर सकेगा। एप में चुनावी गड़बड़ियों की शिकायतों का फोटो-वीडियो भी अपलोड किया जा सकता है।

ऐसे कर सकेंगे इस एप का इस्तेमाल

सी-विजिल एप को आप प्ले स्टोर से अपने स्मार्ट फोन पर डाउनलोड कर सकेंगे। एप के एक्टिव होते ही इसमें यूजर के सामने दो ऑप्शन आते हैं। अगर यूजर अपनी पहचान बताकर शिकायत का फॉलोअप भी लेना चाहता है तो उसे अपना मोबाइल नंबर दर्ज करना होगा। इससे उसके पास ओटीपी आता है।

इसे सबमिट कर आगे फोटो या वीडियो के ऑप्शन चुनकर शिकायत की जा सकती है। जबकि पहचान छिपाने के लिए गुमनाम यूजर का ऑप्शन भी है। जिसके लिए ओटीपी यानी वन टाइम पासवर्ड के बिना ही फोटो या वीडियो डालकर शिकायत दर्ज करवाई जा सकती है। फॉलोअप को ट्रैक करने के लिए शिकायत देते ही एक यूनीक आईडी भी मिलेगी।

शिकायतकर्ता अपनी पहचान बताए या छिपाए दोनों ही सूरत में शिकायतकर्ता का नाम पूरी तरह गोपनीय रखा जाता है। शिकायतों पर संज्ञान लेने के लिए 100 मिनट की मियाद रखी गई है।

54 हजार शिकायतें का हो चुका है ट्रायल

इस एप के माध्यम से शिकायत करने के 100 मिनट के अंदर इसका निराकरण भी अधिकारियों को करना होगा। फिलहाल इस एप की टेस्टिंग चल रही है।

इसमें प्रदेशभर की 54 हजार शिकायतें ऑनलाइन की गई हैं। वहीं, राजधानी से करीब 700 शिकायतें की दर्ज की गई थीं, जिनका ट्रायल पूरा हो चुका है। खास बात यह है कि यह शिकायतें जीपीएस बेस्ड होंगी। इसलिए कोई भी भ्रामक शिकायत इसमें नहीं कर पाएगा।