भोपाल। टीडीएस की राशि एक साल देर से जमा करने पर इंदौर के एक व्यापारी शांतनु ठाकुर को आयकर विभाग ने सलाखों के पीछे पहुंचा दिया। अदालत ने उसे तीन माह का कठोर कारावास और 10 हजार रुपए का अर्थदंड दिया है। विभाग ने मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ में ऑपरेशन क्लीन मनी के 16 हजार 390 लोगों पर प्रकरण दर्ज करा दिए हैं।

मप्र-छग के प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त पीके दाश ने बुधवार देर शाम अचानक बुलाई पत्रकारवार्ता में यह खुलासा किया। उन्होंने बताया कि 15 हजार 164 मामलों में आयकर अधिनियम की धारा के तहत एक माह में रिटर्न दाखिल करने का नोटिस दिया गया है।

उन्होंने बताया कि नोटबंदी के बाद 1 करोड़ रुपए से अधिक राशि जमा करने वालों की संख्या हजारों में है। इन सभी से अब ब्योरा मांगा गया है। 10 हजार मामले तो ऐसे लोगों के हैं, जिन्होंने 10 लाख तक की रकम बैंकों में जमा कराई। दाश ने बताया कि 314 लोगों पर अदालती प्रकरण दर्ज कराया गया है। इनमें 76 मामले पिछले साल के हैं।

एक साल देर से जमा कराए 1.90 लाख रुपए

दाश ने बताया कि इंदौर स्थित एलाइट फिटनेस एवं इंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर शांतनु सिंह ठाकुर को टीडीएस की राशि सरकार के खजाने में एक साल विलंब से जमा करने पर विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट ने 3 माह के कठोर कारावास और 10 हजार रुपए का जुर्माने की सजा सुनाई है। वर्ष 2008-09 में विभाग ने आईटी एक्ट की धारा 194-जे के तहत आरोपी के खिलाफ नवंबर 2012 में अभियोजन दाखिल कराया था। आरोपी ने 1 लाख 90 हजार 956 रुपए की राशि एक साल देर से जमा कराई थी।

3.70 लाख करदाता बढ़े

प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त ने बताया कि अब तक विभाग ने मप्र-छग से 16 हजार 558 करोड़ रुपए की टैक्स वसूली कर चुका है। पिछले साल इस दौरान यह राशि 13 हजार 668 करोड़ रुपए थी। उन्होंने दावा किया कि नए करदाताओं की संख्या में भी तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। इस साल 3 लाख 70 हजार 405 नए रिटर्न दाखिल किए गए। इनमें 50 हजार करदाता पिछले माह ही जुड़े हैं।