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    एक सारस को बचाने की पहल तब्दील हुई पक्षी संरक्षण केंद्र में

    Published: Mon, 16 Apr 2018 10:34 AM (IST) | Updated: Mon, 16 Apr 2018 03:58 PM (IST)
    By: Editorial Team
    saras 16 04 2018

    भोपाल (अबरार खान)। भोपाल की बड़ी झील के उस पार एक गांव है, बिसनखेड़ी। देखने में तो ये किसी आम गांव की तरह ही नजर आता है, लेकिन ये बेहद खास है। बिसनखेड़ी आज देश में एक बड़े पक्षी सरंक्षण केंद्र के रूप पहचान बना रहा है। देशभर से पर्यटकों के अलावा यहां पर पक्षियों पर शोध करने वाले बड़ी संख्या में पहुंचते हैं। घायल सारस के बच्चे को बचाने की एक किसान की छोटी सी कोशिश आज पूरे गांव की मुहिम बन चुकी है, जिससे वाइल्ड लाइफ ट्रस्ट ऑफ इंडिया, डब्ल्यूडब्ल्यूएफ और वन विभाग भी जुड़ चुके हैं और एसबीआई जैसे बैंक यहां वित्तीय मदद कर रहे हैं।

    इस तरह हुई शुरुआत

    बिसनखेड़ी के पक्षी संरक्षण केंद्र के रूप में विकसित होने की कहानी दिलचस्प है। यहां के किसान सुनील श्रीवास्तव को वर्ष 2006 में अपने खेत में सारस क्रेन का एक घायल बच्चा मिला। सुनील इसे उठा कर घर ले आए और पक्षी विशेषज्ञ संगीता राजगीर को इसकी सूचना दी। इसके बाद उसे झील की दूसरी तरफ वन विहार में उपचार के लिए भेजा। थोड़े ही दिनों में घायल सारस ठीक हो गया, लेकिन वह वन विहार से उड़कर फिर सुनील के खेत में पहुंच गया। उसे फिर वन विहार भेजा गया, लेकिन वह बार-बार बिसनखेड़ी पहुंच जाता। इसके बाद पक्षी संरक्षण के लिए काम करने वाली संस्था भोपाल बर्ड की पहल पर गांव वालों ने मिलकर सारस की रखवाली का जिम्मा लिया। धीरे-धीरे सारस क्रेन की संख्या बढ़ने लगी। आज यहां 100 से ज्यादा सारस देखे जा सकते हैं।

    करोड़ों की जमीन पक्षी संरक्षण के नाम

    बिसनखेड़ी में सारस के साथ-साथ दूसरे दुर्लभ और प्रवासी पक्षी भी बड़ी संख्या में देखे जा सकते हैं। भोपाल बर्ड संस्था यहां सारस शोध सेंटर संचालित करती है। इस सेंटर के लिए किसान बबलू ने अपनी करोड़ों की बेसकीमती जमीन भी संस्था को उपलब्ध कराई है। इस सेंटर में समय समय पर वाइल्ड लाइफ जागरुकता शिविर लगाए जाते हैं। पक्षी विशेषज्ञ मोहम्मद खालिक और डॉ. संगीता ने पक्षी संरक्षण के साथ-साथ ग्रामीणों को रोजगार उपलब्ध कराने की ठानी और उनको एक्सपर्ट के रूप में तैयार करना शुरू किया है।

    गांव की पहचान बनी रहे

    पक्षियों की देखभाल हमारी परंपरा में है और गांव की परंपरा और पहचान कायम रहे, इस मकसद से ही गांव सारस की देखभाल करता है। पक्षी संरक्षण केंद्र के चलते दुनिया भर से लोग यहां आते हैं। इससे बच्चे भी अच्छी बातें सीख रहे हैं - सुनील श्रीवास्तव,किसान बिसनखेड़

    दुनिया भर के लिए प्रेरणा

    यह इलाका प्रवासी पक्षियों के लिहाज से देश की सबसे महत्वपूर्ण साइट है। यहां किसानों ने पक्षी संरक्षण की दिशा में एक अनूठी मिसाल कायम की है। इनकी कोशिश विलुप्त पक्षी प्रजातियों के संरक्षण के लिए प्रेरणा का काम कर सकती है - संगीता राजगीर, पक्षी विशेषज्ञ

    बिसनखेड़ी एक बेहतरीन जगह

    पक्षी विज्ञान केंद्र के तौर पर बिसनखेड़ी एक बेहतरीन जगह है - मनोज शर्मा, निदेशक, प्राकृतिक विज्ञान

    संग्रहालय भोपाल

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