भोपाल। राज्य सूचना आयोग में खाली सूचना आयुक्त के पदों को भरने के लिए चयन समिति की बैठक कभी भी हो सकती है। सरकार ने नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह की उस मांग को खारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने उम्मीदवारों को शॉर्ट लिस्ट कर सूची बनाने की मांग की थी। इसके लिए बाकायदा विधि विभाग से राय ली गई।

राय सामान्य प्रशासन विभाग के पक्ष में आई। इसके बाद बैठक के लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से समय मांगा गया है। बताया जा रहा है कि विधानसभा चुनाव की आचार संहिता लागू होने से पहले नियुक्ति दे दी जाएगी।

सूत्रों के मुताबिक नेता प्रतिपक्ष ने सुप्रीम कोर्ट के नामित शर्मा के प्रकरण का हवाला देते हुए उम्मीदवारों के आवेदनों को शॉर्ट लिस्ट कर पैनल बनाने की मांग सरकार से की थी। इसके मद्देजनर 10 सितंबर को प्रस्तावित चयन समिति की बैठक को रद्द कर दिया था।

सामान्य प्रशासन विभाग ने इसको लेकर विधि विभाग से राय मांगी थी, क्योंकि सूचना का अधिकार कानून में इस तरह का कोई प्रावधान नहीं है। विभाग का तर्क था कि शॉर्ट लिस्ट करने का काम चयन समिति का है न कि विभाग का। विभाग की भूमिका तो सिर्फ आवेदनों को सूचीबद्ध कर समिति के सामने रखने की है।

मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि विधि विभाग ने परीक्षण करने के बाद बताया कि नामित शर्मा के प्रकरण में रिव्यू पिटीशन दायर हुई थी, जिसमें मामला समाप्त हो गया। इसके बाद यह जरूरी नहीं रह गया कि पैतृक विभाग शॉर्ट लिस्ट करने के साथ पैनल समिति के सामने रखेगा।

अभिमत मिलने के बाद विभाग ने नेता प्रतिपक्ष को पत्र के माध्यम से विधि विभाग की राय बता दी है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री सचिवालय से चयन समिति की बैठक बुलाने के लिए समय मांगा है। समिति के अध्यक्ष मुख्यमंत्री हैं और इसमें जनसंपर्क मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा और नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह सदस्य हैं।

आचार संहिता की चिंता

सूत्रों का कहना है कि सरकार को भी विधानसभा चुनाव की आचार संहिता लागू होने की चिंता है। इसके मद्देनजर जल्द समिति की बैठक बुलाकर चयन को अंतिम रूप देने की तैयारी है। बताया जा रहा है कि नियुक्ति आदेश भी बैठक के एक-दो दिन बाद ही जारी हो जाएंगे।

सूचना आयोग में सूचना आयुक्त के तीन पद खाली हैं। इसके लिए 187 आवेदन विभाग को मिले हैं। इनमें सेवानिवृत्त न्यायाधीश, आईएएस, आईपीएस, आईएफएस अफसरों के साथ मीडियाकर्मियों के आवेदन बड़ी मात्रा में शामिल हैं।