उज्जैन। भोपाल से भाजपा प्रत्याशी बनने के बाद साध्वी प्रज्ञा ठाकुर बुधवार रात महाकाल मंदिर पहुंची। मीडिया से चर्चा में साध्वी प्रज्ञा ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजयसिंह उनके लिए कोई चुनौती नहीं है। ये चुनाव धर्म और अधर्म के बीच युद्ध की तरह है और इसमें जीत धर्म की होगी। साध्वी ने कहा कि यह बहुत बड़ी जिम्मेदारी है और वह इसका निर्वहन करने के लिए तैयार हैं।

भोपाल में अल्पसंख्यक वोटों को लेकर प्रज्ञा ठाकुर का कहना था कि मैं राष्ट्र की बात करती हूं। राष्ट्र को सुरक्षित देखना चाहती हूं। यही धर्म है। धर्म का मतलब केवल पूजा पद्धति तक सीमित नहीं है। कुछ लोग धर्म की आड़ लेकर नाटक करते हैं। मगर जनता सब जानती है। प्रज्ञा से मिलने के मंदिर के बाहर उनके समर्थक भी पहुंचे थे।

दो साल उज्जैन में ही किया काम

प्रज्ञा ठाकुर का उज्जैन से पुराना नाता रहा है। 1996 से लेकर 1998 तक वह अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की संगठन मंत्री रहीं और उज्जैन में काम किया। उस दौरान 'मिस मालवा" प्रतियोगिता का प्रज्ञा ने विरोध किया था। इसके बाद वह चर्चा में आई थीं। प्रज्ञा ठाकुर समय-समय पर महाकाल मंदिर आती रही हैं।