भोपाल। 72 घंटे चुनाव प्रचार से दूर रहने के प्रतिबंध के बावजूद भोपाल लोकसभा क्षेत्र से भाजपा की प्रत्याश्ाी साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर प्रचार कर रही हैें। वे सुबह लगभग जुलूस निकालते हुए पीरगेट चौराहा, गुफा मंदिर पहुंची। इसके लिए बाकायदा सोशल मीडिया पर सूचना दी गई। बड़ी संख्या में नेता और कार्यकर्ता मंदिरों में पहुंचे। इसके जरिए उन्होंने चुनाव प्रचार किया।

इसकी शिकायत प्रदेश कांग्रेस ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय में करते हुए आचार संहिता के उल्लंघन का प्रकरण दर्ज करने की मांग की। इसके साथ ही साध्वी के संघर्ष की कहानी के नाम से बांटे जा रहे पर्चे पर रोक लगाने की मांग भी की। इसमें कांग्रेस नेताओं के नाम लिखे गए हैं और इन पर षड्यंत्र करने का आरोप भी लगाया है। शिकायत पर जिला निर्वाचन अधिकारी से रिपोर्ट मांगी गई है।

प्रदेश कांग्रेस की मीडिया विभाग की अध्यक्ष शोभा ओझा, चुनाव कार्य प्रभारी जेपी धनोपिया और प्रवक्ता दुर्गेश शर्मा ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी की गैर मौजूदगी में अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी संदीप यादव को शिकायत सौंपी।

ओझा ने बताया कि किसी के मंदिर जाने पर कोई रोक नहीं है पर वो व्यक्ति अकेला जाए। प्रचारित करके वहां जाना और नेताओं और कार्यकर्ताओं को जोड़ना दर्शाता है कि उनका मकसद चुनाव प्रचार करना है, क्योंकि अभी कोई त्योहार या अवसर भी नहीं है, जो इस तरह से धार्मिक वातावरण निर्मित कर धर्मावलंबियों को आकर्षित किया जाए।

सोशल मीडिया पर साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर के दौरे की बाकायदा सूचना जारी की गई। उनके साथ भोपाल के महापौर आलोक शर्मा, नगर निगम अध्यक्ष सुरजीत सिंह चौहान सहित अन्य भाजपा नेता भी मौजूद थे। इसके अलावा वे सिंधी समुदाय के प्रतिनिधियों के कार्यक्रम में भी उपस्थित रहीं। लालघाटी स्थित गौशाला में गाय को चारा खिलाने का काम और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में कवरेज कराकर चुनाव प्रचार किया जो आचार संहिता के उल्लंघन के साथ चुनाव आयोग के आदेश को ठेंगा दिखाने के समान है। इसके साथ ही चुनाव प्रचार में एक पर्चा 'साध्वी के संघर्ष की कहानी" नाम से बांटा जा रहा है। इसमें कांग्रेस नेताओं को लेकर नामजद अनर्गल बयानबाजी की गई है। इस पर प्रतिबंध लगाया जाए।