अतीक अहमद। ब्लाक में परिवार नियोजन को लेकर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी उदासीनपूर्ण रवैया अपनाए हुए हैं। ब्लाक में एक वर्ष में 500 पुरुषों की नसबंदी करने का लक्ष्य रखा गया है। नवंबर माह तक सिर्फ तीन पुरुषों की नसबंदी की गई है। सोचने वाली बात यह है कि चार माह में 497 नसबंदी का लक्ष्य कैसे पूरा किया जाएगा।

ब्लाक में जनसंख्या पर प्रभावी नियंत्रण के लिए परिवार नियोजन की रफ्तार बेहद धीमी है। इस मामले में अफसर किस कदर कोताही बरत रहे हैं। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि वित्तीय वर्ष 2017-18 के लिए ब्लाक को 2000 नसबंदी का लक्ष्य मिला है। इसमें से 500 से ज्यादा पुरुषों की नसबंदी की जानी है, लेकिन पिछले आठ माह में सिर्फ तीन पुरुषों के ही ऑपरेशन किए जा सके हैं।

यह हाल तब हैं जब विभाग द्वारा परिवार कल्याण कार्यक्रम को बढ़ावा देने, नसबंदी आपरेशन का लक्ष्य पूरा करने और लोगों को प्रोत्साहित करने के लिए राशि भी बढ़ाई गई है। इसके अलावा प्रेरक, सर्जन आदि की प्रोत्साहन राशि में भी बढ़ोत्तरी की है। इसके बाद भी ब्लाक में पुरुष नसबंदी का लक्ष्य गति नहीं पकड़ पा रहा है।

इसलिए पिछड़ रहा लक्ष्य

मालूम है कि दो वर्ष पहले पुरुष नसबंदी में मंडीदीप अस्पताल के डॉ. अरविंद सिंह चौहान ने प्रदेश में सर्वाधिक 464 आपरेशन का रिकॉर्ड बनाकर खूब सुर्खियां बटोरीं थीं। इसके बाद से वे इसमें लगातार पिछड़ रहे हैं। बीते साल 70 नसबंदी करने के बाद इस बार वे आठ महीनों में एक भी नसबंदी नहीं कर सके। इसकी कारण उधा अधिकारियों का असहयोगात्मक, सुस्त व मनमाना रवैया बताया जा रहा है। वे नसबंदी कराने वाले हितग्राहियों को समय पर पैसा न देकर महीनों चक्कर कटवाते हैं।

आठ माह में खुला खाता

सरकार की इस महात्वाकांक्षी योजना को लेकर विभागीय जिम्मेदार अफसर ही गंभीर नहीं हैं। इसका पता इस बात से चलता है कि इस वित्तीय वर्ष के आठ माह गुजरने के बाद एक भी पुरुष की नसबंदी नहीं करा पाए। अब इन दिनों 23 नवंबर से 7 दिसंबर तक चलाए जा रहे पुरुष नसबंदी पखवाड़े के दौरान ही तीन पुरुषों के आपरेशन कर इसका खाता खोल पाए।

पिछले साल भी नहीं पा सके थे लक्ष्य

बीते वर्ष ब्लाक को 1800 नसबंदी का लक्ष्य मिला था। इसकी तुलना में अधिकारी 1450 नसबंदी ही करवा सके थे। जबकि 450 पुरुष पसबंदी में से सिर्फ 70 पुरुष आपरेशन ही किए जा सके थे। इस बार भी लक्ष्य पाने की गति बेहद धीमी है। टारगेट पाने के लिए 4 महीने में 497 ऑपरेशन करने होंगे।

महिला नसबंदी में हम जिले में टॉप पर हैं। पुरुष नसबंदी की गति थोड़ी धीमी है,लेकिन दूसरे ब्लाक से हम बेहतर हैं।

- डॉ. केपी यादव, बीएमओ औबेदुल्लागंज

नीति आयोग ने तय किया है कि जो डॉक्टर लक्ष्य से 85 फीसदी कम काम करेंगे उन्हें आर्थिक दंड दिया जाएगा। जो लक्ष्य पूरा करेंगे उन्हें पुरस्कृत भी किया जाएगा। हमने भी नसबंदी न करने वाले डॉक्टर्स को नोटिस जारी किए हैं।

- डॉ. शशि ठाकुर, सीएमएचओ रायसेन