भोपाल। एक माह से चल रहे खरमास रविवार को समाप्त हो गए। सोमवार से मांगलिक कार्य शुरू हो जाएंगे। 15 अप्रैल से 11 जुलाई देवशयनी एकादशी तक 51 दिन शहनाई बजेगी। सात मई को अक्षय तृतीया पर अबूझ मुहूर्त में बड़ी संख्या में जोड़े परिणय सूत्र में बंधेंगे। मां चामुंडा दरबार के पुजारी पं. रामजीवन दुबे ने बताया कि होलाष्टक व सूर्य मीन राशि में प्रवेश करने के साथ ही 14 मार्च से मलमास शुरू हो गए थे, जो 14 अप्रैल यानी रविवार को समाप्त हो गए।

एक माह तक विवाह पर रोक लगने के चलते अब इस वर्ष सिर्फ 51 दिन ही शहनाई बजेगी। इसमें जहां सात मई अक्षय तृतीया और 10 जुलाई भड़ली नवमी पर शादी के अबूझ मुहूर्त हैं। 12 जुलाई देवशयनी एकादशी से 8 नवंबर देवउठनी एकादशी तक चतुर्मास में शादियां बंद रहेंगी। ज्योतिषाचार्य विनोद रावत ने बताया कि विवाह की सभी तिथियां शुभ नहीं होती। विवाह के लिए शुभ मुहूर्त वर का सूर्य व चंद्र बल तथा बुध का गुरु व चन्द्र बल को मिलाकर तिथि निकाली जाती है।