भोपाल, ब्यूरो। दलबदल कानून के तहत नोटिस मिलने के बाद मैहर विधायक नारायण त्रिपाठी ने साफ किया है कि भाजपा के संगठन महामंत्री अरविंद मेनन से उनके पारिवारिक रिश्ते हैं पर वे कांग्रेसी हैं। बजट सत्र के दौरान पार्टी व्हिप का उल्लंघन नहीं किया। जिस किसी मुद्दे पर पार्टी ने बहिर्गमन किया मैं भी साथ गया। मैहर विधायक ने आरोप लगाया कि अकेले पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह कांग्रेसी नहीं हैं।

उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि सिंह की वजह से कई सीटों पर कांग्रेस हारी है, वे चाहें तो इस मुद्दे पर सार्वजनिक बहस कर सकते हैं। विधानसभा के प्रमुख सचिव भगवानदेव ईसरानी से मुलाकात करने के बाद त्रिपाठी ने कहा कि उन्होंने नियमानुसार जवाब दाखिले के लिए एक माह का समय मांगा है। वैसे जो आरोप लगाए गए हैं, वे निराधार हैं। यदि मैंने भाजपा के लिए काम किया है तो अजय सिंह प्रमाण दिखाएं। मुख्यमंत्री के साथ मंच साझा करना सौभाग्य की बात है। क्षेत्र के विकास के लिए मुलाकात करने में कोई आपत्ति नहीं है।

कांग्रेस की गतिविधियों से दूरी बनाकर चलने पर कहा कि पिछले महीनों में पार्टी ने कोई बड़ा धरना, प्रदर्शन या आंदोलन किया ही नहीं है। कांग्रेस के सभी बड़े नेताओं से मेरे संबंध हैं। वहीं नेता प्रतिपक्ष सत्यदेव कटारे ने कहा कि लोकसभा चुनाव में त्रिपाठी और अहिरवार दोनों ने पार्टी के खिलाफ काम किया है, ऐसे में उन्‍हें नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दे देना चाहिए। उधर पार्टी के मुख्य प्रवक्ता केके मिश्रा ने कहा कि अभी तक दोनों विधायकों का कांग्रेस को इस्तीफा प्राप्त नहीं हुआ है। ये तकनीकी मामला है, लिहाजा निर्णय प्रदेशाध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष के स्तर पर होना है।

भाजपा के सदस्य नहीं त्रिपाठी और अहिरवार

उधर भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष नंदकुमार सिंह चौहान ने साफ किया है कि नारायण त्रिपाठी और दिनेश अहिरवार भाजपा के सदस्य नहीं हैं। पार्टी के अन्य पदाधिकारी भी इस बारे में पूरी तरह से मौन साधे हुए हैं। हालांकि त्रिपाठी का भाजपा दफ्तर आना-जाना आम बात है। गुरुवार को भी सुबह वे प्रदेश भाजपा कार्यालय से होते हुए ही विधानसभा पहुंचे थे।