-छात्रों ने इमोशनल प्ले क्लास में साझा किए अपने जीवन के सच

भोपाल। नवदुनिया रिपोर्टर

हर के जीवन में कोई न कोई ऐसी घटना या वक्त होता है, जिससे बाकी लोग अंजान होते है। यह खुशी का भी हो सकता है, दुख या फिर मन में दबी कोई बात हो सकती है। आज हम ऐसी ही बातें एक-दूसरे के साथ शेयर करेंगे। मप्र नाट्य विद्यालय में गुरुवार से शुरू हुए एक्टिंग वर्कशॉप में फिल्म गुलाल व हैप्पी भाग जाएगी फेम एक्टर पीयूष मिश्रा ने छात्रों से अभिनय और रंगविधा से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की। वर्कशॉप की शुरुआत में उन्होंने छात्रों से अपने स्कूल-कॉलेज के दिनों के अनुभव और जीवन से जुड़ी घटनाएं साझा करने को कहा। उन्होंने 'प्ले ऑफ इमोशंस' के बारे में विस्तार से बताया। इस दौरान छात्रों के अनुभव और अंदाज से क्लास रूम इमोशनल हो गया। वर्कशॉप में पीयूष ने कहा कि वे जितना छात्रों को सिखाएंगे, उससे कहीं ज्यादा चीजें वे छात्रों से सीख कर जाएंगे। रंगकर्म विधा में हुए बदलावों के साथ ही युवाओं के अभिनय की समझ समय के साथ गहरी हो गई है।

-मिमिक्री हो रही है तो समझ लें पॉपुलर हैं जनता में

इन दिनों स्टैंडअप कॉमेडी शो टीवी पर चल रहा है। शो में एक प्रतिभागी श्याम रंगीला ने राहुल गांधी और पीएम नरेंद्र मोदी की मिमिक्री की तो वह एपिसोड टेलीकास्ट नहीं किया गया। इस पर पीयूष ने कहा कि मिमिक्री उसी व्यक्ति की होती है, जो लोगों में पॉपुलर हो। मेरे खयाल में सबसे ज्यादा मिमिक्री अमिताभ बच्चन की हुई है। मैंने तो कभी नहीं सुना कि उन्हें इस बात पर कोई आपत्ति हो। मिमिक्री जैसी छोटी बात को नजरअंदाज करना चाहिए। यदि उनकी मिमिक्री हो रही है तो उन्हें यह समझ लेना चाहिए कि वे जनता में कितने पॉपुलर हैं?

-जल्द आएंगी दो फिल्में

पीयूष ने बताया कि इन दिनों नाटक, नॉवेल और पोएट्री के कलेक्शन पर काम कर रहा हूं। जल्द ही मेरी दो फिल्में 'पालकी' और 'जेल 50' आएंगी, वहीं 'हैप्पी भाग जाएगी'की फ्रेंचाइजी का भी शूट करने जा रहा हूं। कोई न कोई काम करता रहता हूं, जो कि जारी रहना चाहिए। सेंसर बोर्ड के फिल्मों के सीन्स पर कैंची चलाए जाने पर पीयूष कहते हैं कि हमारा काम फिल्में बनाना, उनका काम सीन्स काटना। फिल्मों में वही होता है जो समाज में हैं, जो चल रहा है, जिससे लोग जुड़े हैं। फिर चाहे वह उनका व्यक्तिगत जीवन ही क्यों न हो? लेकिन यदि बोर्ड को पसंद नहीं है या गलत लगता है तो कट कर देता है। वे अपना काम करते हैं हम अपना काम करते है। इस बात से कोई दिक्कत नहीं होनी चहिए।