भोपाल( स्टेट ब्यूरो)। ई-टेंडर घोटाले ( MP E-Tender Scam) में आर्थिक अपराध अन्वेषण प्रकोष्ठ (EOW) ने बेंगलुरु में कार्रवाई की है। ईओडब्ल्यू ने अंट्रेस सॉफ्टवेयर कंपनी के बेंगलुरु स्थित कार्यालय में छापा मारा और मुख्य सर्वर के डाटा को जब्त करने की कार्रवाई की जा रही है। इधर, भोपाल में मामले से जुड़े चार आरोपितों को सोमवार को अदालत ने 18 अप्रैल तक के पुलिस रिमांड पर ईओडब्ल्यू को सौंप दिया है। ईओडब्ल्यू ने प्रकरण दर्ज करने के बाद सबसे पहले ऑस्मो आईटी सॉल्यूशन्स के कंप्यूटर की हार्डडिस्क की फॉरेंसिक इमेज बनाकर डाटा जब्त किया था। फिर राज्य इलेक्ट्रॉनिक विकास निगम में कंप्यूटर्स और सर्वर के डाटा की जब्ती की कार्रवाई शुरू की गई। इसी सिलसिले में एक टीम को बेंगलुरु भेजा गया, जहां ई-प्रिक्योरमेंट का सॉफ्टवेयर तैयार करने वाली अंट्रेस सॉफ्टवेयर कंपनी का मुख्यालय है। वहां सोमवार से कार्रवाई शुरू की गई है

अंट्रेस ने बनाया ई-प्रिक्योरमेंट का सॉफ्टवेयर

जानकारी के मुताबिक मप्र राज्य इलेक्ट्रॉनिक विकास निगम ने ई-प्रिक्योरमेंट सिस्टम बनाने का काम 2012 में टीसीएस और अंट्रेस कंपनी को सौंपा था। टीसीएस ने हार्डवेयर का काम किया और बेंगलुरु की अंट्रेस ने सॉफ्टवेयर का काम किया। ई-प्रिक्योरमेंट का एक सर्वर राज्य इलेक्ट्रॉनिक विकास निगम में था और मुख्य सर्वर अंट्रेस के बेंगलुरु स्थित कार्यालय में है। वहां कंपनी के 12 सर्वर हैं।

आरोपित रिमांड पर

इधर, ईओडब्ल्यू ने वरुण चतुर्वेदी, विनय चौधरी, सुमित गोलवलकर व नंदकिशोर ब्रह्मे को सोमवार को जिला अदालत में पेश किया। चतुर्वेदी, चौधरी व गोलवलकर का पुलिस रिमांड समाप्त हो गया था। उनसे पूछताछ के लिए पांच दिन का और पुलिस रिमांड मांगा गया। ईओडब्ल्यू की भागवत प्रसाद पांडे की विशेष अदालत ने चारों आरोपितों को 18 अप्रैल तक के पुलिस रिमांड पर ईओडब्ल्यू को सौंप दिया है।