भोपाल। लोकसभा चुनाव के नतीजे अब चार घंटे देरी से आएंगे। वीवीपैट की पर्चियों को गिनने में लगने वाले समय की वजह से परिणाम घोषित होने में ज्यादा वक्त लगेगा। हर विधानसभा क्षेत्र से पांच-पांच वीवीपैट का चयन कर उसकी पर्चियां ईवीएम से मतगणना होने के बाद गिनी जाएंगी।

वीवीपैट को ईवीएम के साथ स्ट्रांग रूम में सुरक्षित रखा जाएगा। इसके लिए उनकी बैटरियां (पॉवर पैक) निकाल दी जाएंगी। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी वीएल कांताराव ने बताया कि चुनाव आयोग ने सोमवार को हर विधानसभा क्षेत्र के पांच मतदान केंद्रों की वीवीपैट का चयन करके उनकी पर्चियां गिनने के निर्देश दिए हैं।

वीवीपैट की पर्चियों और उसी केंद्र की ईवीएम में दर्ज मतों का मिलान किया जाएगा। ईवीएम से मतों की गणना के आखिरी चक्र के बाद वीवीपैट की पर्चियां गिनी जाएंगी। मतदान होने के बाद पीठासीन अधिकारी पोलिंग एजेंट की मौजूदगी में वीवीपैट की बैटरी निकाल देंगे।

बिना बैटरी वाली वीवीपैट स्ट्रांग रूम में सीलबंद करके रखी जाएंगी। पर्चियों की गिनती के बाद रिटर्निंग ऑफिसर मतदान केंद्रवार एक सर्टिफिकेट मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी को भेजेगा।

प्रदेश की रिपोर्ट तैयार करके मतगणना समाप्त होने के सात दिन के भीतर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी इसे चुनाव आयोग को भेजेंगे।

तीसरे चरण के चुनाव की अधिसूचना आज

मध्यप्रदेश में तीसरे चरण के चुनाव की अधिसूचना मंगलवार को जारी होगी। इसके साथ ही मुरैना, भिंड, ग्वालियर, गुना, सागर, विदिशा, भोपाल और राजगढ़ लोकसभा क्षेत्रों के लिए नामांकन जमा करने का सिलसिला शुरू हो जाएगा, जो 23 अप्रैल तक चलेगा। 26 अप्रैल तक नाम वापस लिए जा सकेंगे। मतदान 12 मई को सुबह सात से शाम छह बजे तक होगा।