वैभव श्रीधर, भोपाल। चुनाव में ज्यादा से ज्यादा मतदान अपने पक्ष में कराने के लिए राजनीतिक दल और उम्मीदवार तो कोशिश करते ही हैं पर चुनाव आयोग भी इस बार मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए नए प्रयोग करने जा रहा है। मध्यप्रदेश में सेल्फी विथ बूथ के ऑफर के साथ दीपावली पर मतदान केंद्रों को दीपक जलाकर रोशन किया जाएगा।

नवरात्रि में होने वाले गरबा महोत्सवों के प्लेटफार्म का इस्तेमाल भी होगा। हर गांव में चुनाव की पाठशाला लगेगी। शहरों में मतदान के लिए मतदाता को कतार में खड़ा न होना पड़े, इसके लिए एप तैयार होगा। इससे यह पता लगेगा कि मतदान केंद्र पर कितनी भीड़ है। पहली बार मप्र निर्वाचन कार्यालय ने मतदाता जागरूकता के लिए सप्ताहिक कार्यक्रमों की थीम तय की है।

नवंबर-दिसंबर में प्रस्तावित मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव में इस बार 80 फीसदी मतदान का लक्ष्य रखा है। इसे हासिल करने के लिए पहली बार साप्ताहिक कार्यक्रम तय हुए हैं। हर सप्ताह की अलग थीम है। गांवों में स्कूल संदेश देने के बड़े केंद्र होते हैं, इसके मद्देनजर स्कूलों में चुनाव पाठशाला लगेंगी।

बच्चों को मतदान के फायदे बताए जाएंगे, ताकि वे घर जाकर माता-पिता, चाचा-चाची, भाई और बहन को मतदान के लिए प्रोत्साहित कर सकें। इसी तरह युवाओं की सोशल मीडिया में सक्रियता को देखते हुए सेल्फी विथ बूथ का ऑफर भी दिया जाएगा। इसके पहले मतदान केंद्रों को इस तरह सजाया जाएगा कि वे आकर्षण का केंद्र बन जाएं।

सेल्फी खींचने के बाद युवाओं से फोटो और वीडियो टि्वटर, फेसबुक, वॉटसएप पर अपलोड करवाए जाएंगे, ताकि मतदाता वहां पहुंचने के लिए प्रेरित हों। इसके साथ ही स्कूल व कॉलेजों में भी 'मैं हूं मतदाता" जैसी गतिविधि चलाई जाएंगी। इसमें छात्र सेल्फी लेकर इस स्लोगन के साथ फोटो सोशल मीडिया पर शेयर करेंगे। नवरात्र के समय शहर और कस्बों में होने वाले गरबा महोत्सव में मतदाता जागरूकता के कार्यक्रम किए जाएंगे।

दीपावली पर हर मतदान केंद्र में दीपक जलाए जाएंगे, यह काम मतदाताओं से ही कराने के प्रयास होंगे। चुनिंदा जिलों में मतदान के नारे लिखकर हॉट एयर बैलून और पैरासेलिंग से प्रचार-प्रसार किया जाएगा। चुनिंदा मतदान केंद्रों में महिला और बाकी जगह दिव्यांग के साथ बुजुर्ग मतदाताओं के लिए स्वास्थ्य शिविर लगेंगे।

पहली बार बनेंगे मतदाता मित्र

इस चुनाव में पहली बार मतदाता मित्र की नियुक्ति होगी। ये दिव्यांग मतदाताओं को मतदान केंद्र तक पहुंचाने और मतदान में सहायता करेंगे। कुछ ऐसे भी मतदान केंद्र बनाए जाएंगे, जहां कर्मचारी दिव्यांग ही होंगे।

ये रहेंगी साप्ताहिक थीम

सप्ताह--थीम

10-16 सितंबर--संकल्प शत-प्रतिशत मतदान का।

17-23 सितंबर--समावेशी, सुगम, विश्वसनीय एवं नैतिक मतदान।

24-30 सितंबर--लोकतंत्र का भाग्य विधाता, बने जागरूक हर मतदाता।

01-07 अक्टूबर-- हर नौजवां को आना है, नीली स्याही लगवाना है।

08-14 अक्टूबर--सबका हो सम्मान, सुगम हो मतदान।

15-21 अक्टूबर--लोकतंत्र के रंग, रंगमंच के संग।

22-28 अक्टूबर--नारी शक्ति का मान करें, हर महिला मतदान करे।

29 अक्टूबर से 04 नवंबर--फेस्टिवल ऑफ डेमोक्रेसी।

05-11 नवंबर--उजरिया लोकतंत्र का।

12-18 नवंबर--लोकतंत्र की जान, नैतिक हो मतदान।

19 नवंबर से मतदान तक-- आओ चलें मतदान करें।

फैक्ट फाइल

अब तक मप्र में मतदान का प्रतिशत

विधानसभा चुनाव

वर्ष--मतदान प्रतिशत

2003--67.41

2008--69.52

2013--72.66

लोकसभा चुनाव

वर्ष--मतदान प्रतिशत

2004--48.09

2009--51.16

2014--61.57

हर वर्ग को ध्यान में रखकर बनी रणनीति: कातांराव

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी वीएल कांताराव ने बताया कि मतदाताओं को जागरूक करने के लिए हर वर्ग को ध्यान में रखकर रणनीति बनाई है। हर वो चीज करने का प्रयास कर रहे हैं, जिससे मतदाता सीधा जुड़ा रहता है। यही वजह है कि सामाजिक, सांस्कृतिक, खेलकूद की गतिविधियों से जागरूकता अभियान को जोड़ रहे हैं। पहली बार क्यूलेस (पंक्ति रहित) एप बनाने जा रहे हैं। इसके जरिए मतदाताओं को यह पता चलेगा कि मतदान केंद्र पर कितनी भीड़ है। इससे वे मतदाता जो लंबी लाइनों के चलते मतदान करने नहीं जाते हैं, उन्हें आसानी होगी।