भोपाल (स्टेट ब्यूरो )। सीधी के पूर्व सांसद मानिक सिंह की सिफारिश लेकर मिलने पहुंचे रीवा एसडीओ एसपीएस गहरवार को विभाग के मंत्री उमंग सिंघार ने निलंबित कर दिया है। उन्होंने पूर्व सांसद से दो टूक कहा, इसके अलावा कोई काम हो तो बताना। वरिष्ठ अफसर से बदतमीजी मैं बर्दाश्त नहीं करूंगा।

गहरवार ने अपने डीएफओ विपिन पटेल से अभद्र व्यवहार किया था। उनके खिलाफ अनियमितता की जांच भी चल रही है। वे इससे पहले सीधी जिले में पदस्थ रहे हैं। वहां भी उन्होंने अपने वरिष्ठ तत्कालीन डीएफओ वायपी सिंह पर रिवॉल्वर तान दी थी। इस मामले में पूर्व वन बल प्रमुख नरेंद्र कुमार ने उन्हें निलंबित किया था।

सीधी मामले में निलंबित हुए गहरवार को बहाल कर रीवा में पदस्थ किया गया था। यहां उन पर आर्थिक अनियमितता के आरोप लगे। जिसकी एपीसीसीएफ सामुदायिक वन प्रबंधन परियोजना जांच कर रहे थे। इसी मामले में अगस्त 2018 में गहरवार ने डीएफओ पटेल से उन्हीं के कक्ष में जाकर अभद्र व्यवहार किया था। यह घटनाक्रम विभाग के वरिष्ठ अफसरों के साथ मंत्री तक पहुंचा था।

उधर, कार्रवाई से बचने के लिए गहरवार पूर्व सांसद की सिफारिश लेकर शुक्रवार को मंत्री से मिलने पहुंच गए। जैसे ही वे मंत्री के सामने पहुंचे और पूर्व सांसद का नाम बताया तो मंत्री नाराज हो गए और उन्होंने तत्काल विभाग के अपर मुख्य सचिव केके सिंह को फोन कर गहरवार को निलंबित करने के निर्देश दिए। साथ ही पूर्व सांसद को फोन कर कहा कि इसके अलावा कोई काम हो तो बताना। मंत्री के निर्देश पर विभाग ने दोपहर में गहरवार के निलंबन के आदेश जारी कर दिए हैं।