भोपाल। प्रदेश में बीते 14 साल में निजी क्षेत्रों में सिर्फ सवा दो लाख पंजीकृत बेरोजगारों को रोजगार मिला। पहली बार सार्वजनिक, सहकारी और निजी क्षेत्र में बेरोजगारों को मिले रोजगार के आंकड़े सामने आए हैं।

प्रदेश में 2014 की तुलना में पंजीकृत अशिक्षित बेरोजगारों की संख्या में 16 फीसदी से ज्यादा का इजाफा हुआ। यह जानकारी विधानसभा में बुधवार को रामनिवास रावत के सवाल के लिखित जवाब में तकनीकी शिक्षा राज्यमंत्री दीपक जोशी ने दी।

तकनीकी शिक्षा राज्यमंत्री ने बताया कि 2004 में प्रदेश के रोजगार कार्यालयों में 20 लाख 29 हजार 939 (शिक्षित 17,86,235 और अशिक्षित 2,43,704) पंजीकृत बेरोजगार थे। इनमें पुरुषों की संख्या 16 लाख 65 हजार 883 और महिलाएं 3 लाख 64 हजार 56 थीं। उधर, जनवरी 2018 तक की स्थिति में 5 लाख 3 हजार 127 महिला और 16 लाख 5 हजार 610 पुरुष पंजीकृत शिक्षित बेरोजगार हैं।

कुल पंजीकृत अशिक्षित बेरोजगारों में 51 हजार 319 महिला और 2 लाख 18 हजार 503 पुरुष हैं। यह संख्या साल 2014 की तुलना में 16.4 प्रतिशत ज्यादा है।

सरकार ने दावा किया कि प्रदेश में बढ़ती बेरोजगारी पर काबू पाने के लिए रोजगार कार्यालयों को प्लेसमेंट सेंटर के रूप में पीपीपी माध्यम से उन्नयन कर बेरोजगारों को रोजगार दिलाने के लिए कार्य आदेश दिए हैं। सार्वजनिक, सहकारी और निजी क्षेत्र में 18 हजार 354 महिलाओं और 2 लाख 30 हजार 349 पुरुष बेरोजगारों को रोजगार दिए गए।

फैक्ट फाइल

क्षेत्र--रोजगार मिला

सार्वजनिक क्षेत्र--17,433

सहकारी क्षेत्र--3,884

निजी क्षेत्र--2,27,386

नोट- आंकड़े 2004 से 2018 तक रोजगार कार्यालयों के माध्यम से प्रदेश में बेरोजगारों को उपलब्ध कराए गए रोजगार के।