भोपाल। प्रदेश में मापदंड से ज्यादा प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को सरकार परमिट नहीं देगी। साथ ही इनका रजिस्ट्रेशन कार्ड (आरसी) भी जब्त होगा। प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को सड़कों पर नहीं चलने दिया जाएगा। यह घोषणा परिवहन मंत्री भूपेंद्र सिंह ने बुधवार को विधानसभा में की।

प्रश्नकाल के दौरान जबलपुर से विधायक सुशील कुमार तिवारी ने पर्यावरण नियंत्रण बोर्ड द्वारा जबलपुर में वाहनों के प्रदूषण स्तर की जांच करने को लेकर सवाल पूछा था। उन्होंने कहा कि शहर में मिट्टी के तेल से बहुत से वाहन चल रहे हैं। इसकी वजह से प्रदूषण बढ़ रहा है और आंखों में जलन होने की शिकायतें भी बढ़ी हैं। यह स्थिति प्रदेश के अन्य शहरों में भी है।

जवाब देते हुए परिवहन मंत्री भूपेंद्र सिंह ने कहा कि वाहनों के प्रदूषण की लगातार जांच होगी। अब जो भी वाहन निर्धारित मात्रा से ज्यादा प्रदूषण फैलाता पाया जाएगा, उसे परमिट नहीं दिया जाएगा। ऐसे वाहनों के आरसी भी जब्त करेंगे और वापस भी नहीं होंगे।

कमिश्नर कार्यालय में घुसने लगे तो चलाई वॉटर कैनन

ग्वालियर में किसान आंदोलन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ता और किसानों पर पुलिस ने वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया था। बेरीकेड हटाकर कमिश्नर कार्यालय में घुसने की कोशिश हो रही थी। पांच सौ कार्यकर्ताओं पर प्रकरण दर्ज किए गए हैं। यह बात गृहमंत्री भूपेंद्र सिंह ने लाखन सिंह यादव के सवाल के जवाब में बताई। उन्होंने कहा कि राजनीतिक आंदोलन में प्रकरण बनते हैं। यादव ने प्रकरण वापस लेने की मांग उठाई तो गृहमंत्री ने कहा कि देख लेंगे।

सीएम जब तक चाहेंगे मंत्री रहूंगी

दस साल पहले नल-जल योजना स्वीकृत होने के बाद काम नहीं होने को लेकर सत्यपाल सिंह सिकरवार ने सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि 2007-08 में प्रशासकीय स्वीकृति हो गई थी, लेकिन अब तक काम नहीं हुआ। दस साल में भी योजना कब पूरी होगी, यह बताना संभव नहीं कहना भी ठीक नहीं है। एक जगह तो अभी जमीन ही नहीं मिली है।

इस बीच नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने कहा कि सवाल किसी एक विधायक नहीं पूरे प्रदेश से जुड़ा है। जब तक आप लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री रहेंगी, तब तक कुछ नहीं होने वाला है। इस पर विभागीय मंत्री कुसुम महदेले ने पलटवार करते हुए कहा कि जब तक मुख्यमंत्री चाहेंगे, मैं रहूंगी। नेता प्रतिपक्ष की इस टिप्पणी पर राजस्व मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने आपत्ति जताई।

राजस्व मंडल के कामकाज की हो रही समीक्षा

सरकारी और पट्टे की जमीन के विवाद को लेकर नीना विक्रम वर्मा की ओर से पूछे सवाल पर राजस्व मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने कहा कि राजस्व मंडल के कामकाज की समीक्षा कर रहे हैं। इसमें देखा जाएगा कि सरकारी जमीन और कृषि पट्टे की जमीन को अलग-अलग वर्गीकृत किया जा सकता है या नहीं। राजस्व मंडल को फाइलें बुलाने का अधिकार है। दरअसल, वर्मा ने राजस्व न्यायालयों में प्रकरण चलते समय राजस्व मंडल द्वारा मूल नस्ती बुलाने से निर्णय नहीं हो पाने का मुद्दा उठाया था।

पीड़ितों के पक्ष में नामांतरण होगा

इंदौर से विधायक सुदर्शन गुप्ता ने तहसील कार्यालय में तहसीलदारों द्वारा जमीनों का नामांतरण गलत करने की शिकायत पर कार्रवाई का मुद्दा उठाया। राजस्व मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने कहा कि 2013-14 में कार्यरत तहसीलदार बिहारी सिंह और बजरंग बहादुर के गलत नामांतरण करने पर सिंह की एक और बहादुर की तीन वेतन वृद्धि रोकी गई थी। राजस्व निरीक्षक श्रीकांत तिवारी को निलंबित किया जा चुका है। पीड़ित पक्ष के नामांतरण का मामला दिखवाया जाएगा।