भोपाल (ब्यूरो)। विधानसभा चुनाव की चुनौती से निपटने और संगठन को मजबूत करने के लिए पार्टी ने केंद्रीय मंत्री

नरेंद्र सिंह तोमर की अध्यक्षता में चुनाव प्रबंधन समिति तो बना दी है, लेकिन कुछ नेताओं की जातिगत और भौगोलिक संतुलन के हिसाब से चुनावी जिम्मेदारी बढ़ाई जा सकती है। इसके मद्देनजर केंद्रीय मंत्री थावरचंद गेहलोत, प्रदेश के मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रभात झा, राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय, सांसद प्रहलाद पटेल, सांसद फग्गनसिंह कुलस्ते की मध्य प्रदेश में भूमिका बढ़ाई जाएगी।

इसका मकसद ये है कि संगठन को और मजबूती दी जा सके। इन्हें क्षेत्रवार जिम्मेदारियां सौंपने पर पार्टी विचार कर

रही है। गुजरात चुनाव से सबक लेकर भाजपा मप्र में चौथी बार सरकार बनाने में कोई कसर छोड़ना नहीं चाहती है।

पार्टी सूत्रों पर भरोसा किया जाए तो प्रदेश भाजपा संगठन को हाईकमान और मजबूत करना चाहता है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने बूथ स्तर से लेकर संगठन तक जिन बदलाव का टारगेट दिया गया था, वह लगभग पूरा होने की स्थिति में है, पर आए दिन विवादास्पद बयानों को लेकर भी हाईकमान खुश नहीं है। खासतौर से देवास विधायक चंपालाल देवड़ा के मामले ने पार्टी की चिंता बढ़ा दी है। पार्टी का मानना है कि इससे संगठन की छवि खराब हो रही है।

उधर, पदोन्नति में आरक्षण के चलते नाराज हुए सवर्णों को मनाने के लिए केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, जनसंपर्क मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा, सांसद प्रभात झा को सामने लाया गया है। झा को प्रदेश के मीडिया समन्वयक की जिम्मेदारी दी गई है। आदिवासी और दलित वोटों के लिए गेहलोत-कुलस्ते को जिम्मा दिया जा सकता है। पिछड़ा वर्ग को लुभाने की जिम्मेदारी सांसद प्रहलाद पटेल को देने के साथ गणेश सिंह को और ताकतवर बनाया जा सकता है। चुनाव प्रबंधन की उपसमितियों से उपजे असंतोष से जाेडकर भी इस कवायद को देखा जा रहा है।