भोपाल। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा निजी स्कूलों में शिक्षा का अधिकार (आरटीई) के तहत पढ़ने वाले बच्चों की फीस प्रतिपूर्ति में करीब 19 करोड़ रुपए का घोटाला सामने आया है। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) ने मामले में भोपाल के जिला परियोजना समन्वयक (डीपीसी) सहित अन्य के खिलाफ शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

आरटीई में निजी स्कूलों में गरीब बच्चों को प्रवेश दिया जाता है और सरकार इन बच्चों की फीस की प्रतिपूर्ति स्कूलों को करती है। भोपाल जिले में करीब 1209 निजी स्कूल हैं जिन्हें सरकार द्वारा फीस की प्रतिपूर्ति की जाती है। इनमंे से 494 स्कूलों में गड़बड़ी की आशंका जताई गई है क्योंकि इन स्कूलों की वार्षिक फीस सरकार द्वारा निर्धारित प्रतिपूर्ति की राशि 4250 से कम है।

भोपाल के जिला परियोजना समन्वयक समर सिंह राठौर और अन्य लोगों ने मिलकर भोपाल जिले के निजी स्कूलों में सरकार द्वारा तय की गई अधिकतम फीस प्रतिपूर्ति सीमा की राशि का भुगतान हासिल किया। एक साल में इस तरह फीस की प्रतिपूर्ति की गई जबकि कई स्कूलों की फीस आरटीई में निर्धारित अधिकतम 4250 रुपए सीमा से कम थी। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ ने इस मामले में स्वत: संज्ञान लेकर जिला परियोजना समन्वयक सहित अन्य के खिलाफ शिकायत पंजीबद्ध कर ली है। अब ईओडब्ल्यू शिकायत की जांच कर रही है।