भोपाल (धनंजय प्रताप सिंह)। मध्य प्रदेश के भोपाल से भारतीय जनता पार्टी की लोकसभा प्रत्याशी साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर के विवादास्पद बयानों को लेकर पार्टी सतर्कता बरत रही है। साध्वी ने मुंबई आतंकी हमले में शहीद हेमंत करकरे को लेकर जो 'श्राप से मौत" का बयान दिया था, उससे पार्टी को नुकसान हुआ। खासतौर से महाराष्ट्र में भी इसका असर दिखाई दिया। मप्र में रहने वाला मराठी समाज भी नाराज हुआ।

इन्हीं बयानों के चलते भाजपा ने राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. विनय सहस्त्रबुद्धे और वरिष्ठ नेता ओपी माथुर को अगले कुछ दिन भोपाल में डटे रहने को कहा है। इन हालात को देखकर पार्टी ने साध्वी प्रज्ञा को 19 मई तक मौन रहने का इशारा किया है। उनके साथ रहने वालों को सचेत कर दिया गया है कि वे मीडिया से अनावश्यक बातचीत न करें और 19 मई के आखिरी चरण के मतदान तक किसी तरह के विवादास्पद बयानबाजी से बचें।

स्टार प्रचारक नहीं बनाया

पार्टी ने साध्वी प्रज्ञा के भोपाल चुनाव से फुर्सत होने के बाद भी स्टार प्रचारक नहीं बनाया है। पार्टी ने साध्वी को कांग्रेस के सबसे दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह के खिलाफ प्रत्याशी बनाया था पर मालवा-निमाड़ में पार्टी ने उनकी क्षमताओं के उपयोग का अब तक कार्यक्रम नहीं बनाया है। इसकी वजह है - साध्वी के विवादास्पद बयान। पार्टी नेताओं की मानें तो मालवांचल में भाजपा किसी तरह का जोखिम नहीं लेना चाहती है। इंदौर लोकसभा क्षेत्र में मराठी मतदाताओं की संख्या भी बहुत ज्यादा है, जो साध्वी के बयान से खफा हैं। साध्वी के विवादास्पद बयानों ने चुनाव के दौरान ही भाजपा और संघ को चिंता में डाल दिया था, जिसके चलते उन्हें संघ कार्यालय 'समिधा" बुलाकर समझाइश भी दी गई थी।

पांच पंडित आए

भोपाल स्थित रिवेयरा टाउन के घर में साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर इन दिनों आराम कर रही हैं। नईदुनिया ने उनसे बातचीत करना चाही तो बताया गया कि वे अभी किसी से नहीं मिल रही हैं। उनके आवास पर भी परिचितों के अलावा कोई नहीं है। शाम के वक्त उनके घर पर पांच पंडित पहुंचे। नजदीकी सूत्रों के मुताबिक, साध्वी देवास सीट पर प्रचार के लिए जा सकती हैं। देवास से भाजपा प्रत्याशी महेंद्र सोलंकी उनके परिचित हैं।

कहा था- मैंने दिया करकरे को सर्वनाश का श्राप

मालूम हो, साध्वी प्रज्ञा ने भाजपा कार्यकर्ताओं की बैठक में मुंबई एटीएस प्रमुख रहे हेमंत करकरे पर जेल में यातना देने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि मैंने करकरे का सर्वनाश होने का श्राप दिया था और इसके सवा माह बाद आतंकवादियों ने उन्हें मार दिया। हालांकि, इस बयान के एक दिन बाद चारों तरफ से आलोचना होने पर प्रज्ञा ने अपना बयान वापस ले लिया था और माफी भी मांग ली थी। उनका दूसरा बयान अयोध्या में विवादित ढांचा गिराने से संबंधित था, जिसमें उन्होंने कहा था कि वे इसमें शामिल थीं और इस पर उन्हें गर्व है। बाद में चुनाव आयोग ने इस पर केस भी दर्ज करवाया। तीसरा उनका बयान दिग्विजय को आतंकी कहने का था पर इसमें उन्होंने यू-टर्न ले लिया था।

फिलहाल विश्राम कर रहीं

साध्वी प्रज्ञा चुनाव अभियान के बाद फिलहाल विश्राम कर रही हैं। चुनाव अभियान के दौरान भी डॉक्टरों ने उन्हें आराम की सलाह दी थी। जैसे ही वे दूसरे क्षेत्रों का दौरा करने की स्थिति में होंगी, पार्टी उनकी क्षमताओं का उपयोग करेगी - डॉ. दीपक विजयवर्गीय, मुख्य प्रवक्ता, भाजपा, मप्र