भोपाल। अतिथि देवो भवः की थीम पर काम कर रहा मप्र पर्यटन विकास निगम अब मप्र के शहरी इलाकों समेत ग्रामीण क्षेत्रों में भी बेड एंड ब्रेकफास्ट स्कीम को बढ़ावा देगा। यानी, अब देश-विदेश से आने वाले पर्यटक होटल के अलावा लोगों के घरों में भी रह सकेंगे और प्रदेश की सांस्कृतिक महक को महसूस करेंगे। यह जानकारी मप्र पर्यटन विकास निगम के प्रबंध निदेशक राघवेन्द्र सिंह ने गुरुवार को दी। वे भारत पर्यटन के 100 दिनी कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित वर्कशॉप को संबोधित कर रहे थे। पर्यटन मंत्रालय की ओर से 'इनक्रेडिबल इंडिया बेड एंड ब्रेकफास्ट होम स्टे इसटेब्लिशमेंट' विषय पर एक दिवसीय वर्कशॉप का आयोजन किया गया।

दस गांवों के मास्टर प्लान तैयार

एमडी टूरिज्म ने बताया कि मप्र के कल्चर के मामले में समृद्ध गांवों को बेड एंड ब्रेकफास्ट स्कीन से जोड़ने की तैयारी है। ग्रामीण विकास विभाग के साथ मिलकर हमने इन गांवों का मास्टर प्लान तैयार किया है, जिसके तहत इनमें टोटल सेनिटेशन, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट और रोड डेवलपमेंट आदि की सुविधा की जाएगी। यह गांव आदर्श गांवों के रूप में विकसित होंगे। जहां सुविधाओं के साथ पर्यटकों को आदिवासी संस्कृति से रूबरू होने का मौका मिलेगा।

शुरू हुई टूरिस्ट विजा ऑन अराइवल स्कीम

भारत पर्यटन के क्षेत्रीय निदेशक विकास रुस्तगी ने बताया कि भारत सरकार ने विदेशी पर्यटकों को सुविधा देने के लिए इस साल टूरिस्ट विजा ऑन अराइवल स्कीम शुरू की है, जिससे ऑनलाइन अप्लाई और पेमेंट करने पर अराइवल के 72 घंटे पहले ही टूरिस्ट को उसका विजा मिल जाता है। कई महीनों लंबा प्रॉसेस नहीं करना पड़ता और विदेशी पर्यटन आसानी से देश में विजिट कर सकते हैं। विवेक रुस्तगी के मुताबिक, पर्यटन को बढ़ाने के लिए हमें अपने पर्यटकों की सुविधाओं का ख्याल भी रखना होगा। महाराष्ट्र में इस समय 1564 बेड एंड ब्रेकफास्ट यूनिट है, दिल्ली में करीब 600 बीएंडबी यूनिट्स हैं, जबकि मध्यप्रदेश में केवल छह बेड एंड ब्रेकफास्ट यूनिट है। इस स्कीम से जुड़कर हमें अपनी कैपेसिटी बढ़ाने की जरूरत है। यह एक मात्र ऐसी व्यवस्था है, जो विदेशी या देशी पर्यटकों को किसी परिवार के साथ एक मेम्बर की तरह रहने की सुविधा देती है।

बेड एंड ब्रेकफास्ट से जुड़ेंगे यह गांव

- मतवार बायसन, अलीरापुर

- अशोकनगर, चंदेरी के पास

- सावंत नगर, ओरछा के पास

- सरही, कान्हा

- पातालकोट, छिंदवाड़ा

- राज नगर, खजुराहो

- टीकरी, रतलाम

- मेहंदी खेड़ा, धार

- कठौतिया, रायसेन