भोपाल, नवदुनिया स्टेट ब्यूरो। विधानसभा चुनाव में किसे कहां से उम्मीदवार बनाना है समाज (लोकल कम्युनिटी) तय करेगा। संस्था अपनी तरफ से किसी का नाम घोषित नहीं करेगी। अभी 70 लोगों ने बतौर उम्मीदवार मैदान में उतरने की इच्छा जाहिर की है। यह बात सपाक्स समाज संस्था (सामान्य, पिछड़ा, अल्पसंख्यक कल्याण समाज संस्था) के संरक्षक डॉ. हीरालाल त्रिवेदी ने कही। वे 30 सितंबर को राजधानी में प्रस्तावित संस्था की महाक्रांति रैली और आमसभा की तैयारियों पर बात कर रहे थे।

डॉ. त्रिवेदी ने साफ कहा कि कौन चुनाव लड़ेगा और कौन नहीं सब समाज पर छोड़ दिया है। स्थानीय लोग अपना प्रत्याशी तय करेंगे। उन्होंने कहा हम वोट बैंक की राजनीति नहीं करते। इसलिए शक्ति प्रदर्शन की जरूरत नहीं है। यह तो हमारे संगठित होने का प्रमाण होगा।

उन्होंने कहा हमारी लड़ाई एट्रोसिटी एक्ट में हुए संशोधन और पदोन्न्ति में आरक्षण को लेकर है। हम चाहते हैं कि आरक्षण आर्थिक आधार पर दिया जाए और एट्रोसिटी एक्ट में फिर से संशोधन किया जाए। डॉ. त्रिवेदी ने संस्था को बाहरी आर्थिक सहयोग और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के बयानों को राजनीति से प्रेरित बताया।

मुद्दों से सहमत हैं तो साथ आएं

अजाक्स के बयान पर डॉ. त्रिवेदी ने कहा कि उन्हें अनारक्षित वर्ग के वोटों की जरूरत नहीं होगी। हमें तो है और हम सभी से सहयोग मांगेंगे। जो हमारे मुद्दों से सहमत हैं, वे साथ आएं।

एक लाख लोगों के आने की उम्मीद

कलियासोत एडवेंचर ग्राउंड पर 30 सितंबर को आयोजित सपाक्स की महाक्रांति रैली में एक लाख से ज्यादा लोगों के आने की उम्मीद जताई जा रही है। हालांकि संस्था इस मामले में पत्ते नहीं खोल रही है। संरक्षक डॉ. त्रिवेदी कहते हैं कि लोग स्व-प्रेरणा से आ रहे हैं। हमारा तो सिर्फ आव्हान है। इसलिए यह नहीं कह सकते कि कितने लोग आएंगे। महाक्रांति रैली में आने वाले लोगों से खाना साथ लाने या उसका इंतजाम खुद करने को कहा है। डॉ. त्रिवेदी ने बताया कि ग्राउंड पर आमसभा होगी। जिसमें आगे की रणनीति जाहिर की जाएगी।