भोपाल। ब्यूरो। सपाक्स ने राज्य सरकार के खिलाफ जनता के बीच जाने का फैसला कर लिया है। इसके लिए 'सामान्य, पिछड़ा, अल्पसंख्यक कल्याण समाज संस्था" का गठन किया गया है, जिसकी पहली बैठक शनिवार को राजधानी में नर्मदा समाज मंदिर में होगी। इस बैठक में सपाक्स कार्यकर्ताओं से फीडबैक लेकर संस्था जनता के बीच जाने का अभियान शुरू करेगी। संस्था के कार्यकर्ता गांव-गांव का दौरा करेंगे और चौपालों पर सवर्ण, पिछड़े और अल्पसंख्यकों को बताया जाएगा कि सरकार उनका किस तरह से अहित कर रही है।

सपाक्स के अध्यक्ष डॉ. आनंद कुशवाह ने बताया कि संस्था की कमान ललित शास्त्री को सौंपी गई है। भाजपा-कांग्रेस, दोनों ही दलों ने सरकार पर पदोन्न्ति में आरक्षण मामले में राजधर्म की बजाय वोटधर्म निभाने का आरोप लगाया है। शास्त्री ने कहा कि सरकार वर्गों में विघटन का काम कर रही है।

उन्होंने कहा वर्ष 2020 में आरक्षण का रिव्यू होना है। हम उससे पहले जनता को बताएंगे कि पदोन्न्ति में आरक्षण से दूसरे वर्गों को क्या नुकसान है।

सपाक्स के अध्यक्ष डॉ. कुशवाह ने बताया कि आरक्षण वोट बैंक की राजनीति है। उन्होंने कहा कि इससे 65 से 70 फीसदी मुलाजिमों के अधिकारों का हनन हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार एक वर्ग विशेष के पक्ष में उतर आई है। उनकी ओर से पदोन्नति में आरक्षण का केस लड़ा जा रहा है।

उनके कहने पर महंगे वकील खड़े किए जा रहे हैं। ये जनता के पैसे की बर्बादी है। ये राशि सिर्फ दलितों की जेब से नहीं आई है। उन्होंने बताया कि शनिवार को आयोजित बैठक में आंदोलन की रणनीति तय की जाएगी।