भोपाल, नवदुनिया स्टेट ब्यूरो।राजधानी में 30 सितंबर की प्रस्तावित क्रांति रैली को लेकर सपाक्स समाज संस्था (सामान्य, पिछड़ा, अल्पसंख्यक कल्याण समाज संस्था) ने पूरी ताकत झोंक दी है। संस्था गाड़ियां लगाकर शहरों और गांवों में रैली का प्रचार कर रही है। उधर, रैली के ठीक पहले संस्था के आधा दर्जन ऑडियो बाजार में आ गए हैं। इनमें भाजपा एवं कांग्रेस को कौरव की सेना बताते हुए लोगों से रैली में शामिल होने की अपील की गई है।

23 सितंबर को अजाक्स के सम्मेलन, 25 सितंबर को भाजपा के महाकुंभ के बाद सात दिन में राजधानी के लिए सपाक्स की क्रांति रैली बड़ा आयोजन साबित हो सकती है। इस रैली में एक लाख से ज्यादा समाजजनों (अनारक्षित वर्ग) के आने का दावा किया जा रहा है। रैली की तैयारियों के बीच आधा दर्जन ऑडियो वायरल हुए हैं। इनमें पदोन्न्ति में आरक्षण की लड़ाई को महाभारत की लड़ाई बताया गया है।

ऑडियो के माध्यम से अनारक्षित वर्ग को याद दिलाया जा रहा है कि 12 जून 2016 को अजाक्स के मंच से मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा था कि 'कोई माई का लाल आरक्षण खत्म नहीं कर सकता।" इसी को टैग लाइन बनाकर नारे, गाने और जयघोष तैयार किए गए हैं। ऑडियो में आरोप लगाया गया है कि वोट की खातिर नेता प्रदेश की समरसता को तहस-नहस कर रहे हैं। ऑडियो में आरक्षण व्यवस्था को जारी रखने और एट्रोसिटी एक्ट में संशोधन से नुकसान की व्याख्या की गई है। इनके जरिए ही पूरे प्रदेश में क्रांति रैली का प्रचार कर लोगों को आने की अपील की जा रही हैं।

सरकार स्थिति स्पष्ट करे

माकपा मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से पदोन्न्ति में आरक्षण मामले पर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है। पार्टी के राज्य सचिव जसविंदर सिंह ने एक बयान जारी कर कहा कि जब सुप्रीम कोर्ट ने पदोन्न्ति में आरक्षण को न्यायसंगत ठहराया है तो प्रदेश सरकार को मामले में अपना दृष्टिकोण स्पष्ट करना चाहिए