भोपाल (स्टेट ब्यूरो)। प्रदेश कांग्रेस की तैयारी है कि इस बार विधानसभा चुनाव का घोषणा पत्र चुनाव की तारीख घोषित होने से पहले जारी कर दिया जाए। इसके लिए 15 अगस्त तक घोषणा पत्र तैयार कर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को सौंपने की समयसीमा तय की गई है। 30 जुलाई तक घोषणा पत्र समिति अपनी तरफ से इसकी तैयारी कर लेगी।

मप्र कांग्रेस की घोषणा पत्र समिति की सोमवार को प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ के निवास पर हुई बैठक में यह तय किया गया है। बैठक में समिति के अध्यक्ष व विधानसभा उपाध्यक्ष डॉ. राजेंद्र सिंह सहित सभी चारों सदस्य विवेक तन्खा, मीनाक्षी नटराजन और नरेंद्र नाहटा मौजूद थे। समिति में पांच या छह सदस्यों को और शामिल किया जाएगा। चारों सदस्यों के बीच संभागों का बंटवारा हो गया है। भोपाल संभाग की जिम्मेदारी डॉ. सिंह और नाहटा को सौंपी गई है। दौरों में किसान, महिला, नौजवानों के साथ विषय के विशेषज्ञों से भी समिति मुलाकात करेगी।

करीब 80 आवेदन पर विचार

सूत्रों के अनुसार पीसीसी द्वारा बनाई गई प्रवेश समिति की भी सोमवार को प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में बैठक हुई, जिसमें करीब 80 आवेदनों पर चर्चा हुई। ये आवेदन प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ, पूर्व अध्यक्ष अरुण यादव, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, समिति के अध्यक्ष व पूर्व मंत्री इंद्रजीत पटेल सहित पीसीसी में नेताओं ने दिए थे। आवेदनों में से 90 फीसदी का निराकरण हो गया है। शेष आवेदनों पर अगली बैठक में विचार किया जाएगा।

शिकायतों के प्रकार पर हुई चर्चा

सूत्रों के मुताबिक विधानसभा चुनाव के लिए बनाई गई अनुशासन समिति की भी कमलनाथ के निवास पर बैठक हुई। इसमें एआईसीसी द्वारा अनुशासन को लेकर जारी गाइडलाइन पर ज्यादा चर्चा हुई। शिकायतों के प्रकार और उनमें अपनाई जाने वाली प्रक्रिया के मापदंडों पर भी विचार हुआ।

दिग्विजय सरकार की बदनामी का तोड़ भाजपा की अधूरी घोषणाए

भाजपा द्वारा दिग्विजय सिंह सरकार के दस साल के कार्यकाल में प्रदेश की बदहाली का जवाब कांग्रेस चुनाव

अभियान समिति देगी। इसमें शिवराज सरकार की आधी अधूरी घोषणा व उनकी हकीकत बताई जाएगी। जल्द ही संभाग और विधानसभा स्तर पर चुनाव अभियान समिति की उप समितियां भी बनेंगी। वहीं, समिति ने प्रदेश में बेरोजगार नौजवानों की जानकारी जुटाकर उनके लिए पार्टी के घोषणा पत्र में वादा करने का फैसला किया है। विस चुनाव के लिए बनी कांग्रेस की चुनाव अभियान समिति की सोमवार को दूसरी बैठक हुई।

सूत्रों के मुताबिक बैठक में भाजपा द्वारा दिग्विजय सरकार के 10 सालों को फिर से उठाए जाने पर चिंता जताई गई। सदस्यों ने कहा कि शिवराज सरकार की ऐसी घोषणाओं को जुटाया जाए जो आज तक शुरू नहीं हुईं या अधूरी हैं। इन्हें लेकर जनता के बीच जाएं। साथ ही किसान की बदहाली, महिला सुरक्षा, बेरोजगारी आदि के मुद्दों पर भी सरकार को घेरकर भाजपा को जवाब देने की रणनीति बनाई जा रही है।

उधर, समिति के अध्यक्ष सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा है कि निर्धारित प्रारूप में एनएसयूआई व युवा कांग्रेस के माध्यम से बेरोजगारों की जानकारी एकत्रित की जाएगी। इसमें उनसे सुझाव भी लिए जाएंगे, जिन्हें घोषणा पत्र में शामिल किए जाएगा।