भोपाल। अल्पवर्षा की वजह से प्रदेश के 18 जिलों में पड़े सूखे को देखते हुए केंद्र सरकार से मांगा गया सूखा राहत पैकेज अभी तक नहीं मिला है। इसको लेकर बार-बार बैठक टल रही है। उधर, ओलावृष्टि से सरकार पर करीब 200 करोड़ रुपए की मार पड़ सकती है। जिलों से जुटाई फौरी रिपोर्ट के अनुसार 421 गांवों में 42 हजार हेक्टेयर खेती को 40 से 60 फीसदी तक नुकसान हुआ है।

कृषि और राजस्व विभाग के अधिकारियों ने बताया कि ओलावृष्टि से चुनिंदा गांवों में फसलों को ज्यादा नुकसान होने की रिपोर्ट जिला प्रशासन ने दी है। राजस्व परिपत्र पुस्तिका के प्रावधानों के अनुसार राहत राशि वितरित की जाएगी। बताया जा रहा है कि करीब 200 करोड़ रुपए राहत बांटने में लग सकते हैं। उधर, सूखा राहत के लिए केंद्र द्वारा पैकेज मंजूर होने का इंतजार किया जा रहा है।

राजस्व विभाग ने केंद्र सरकार को साढ़े तीन हजार करोड़ रुपए का प्रस्ताव बनाकर भेजा है। इसमें किसान को राहत के साथ पेयजल आपूर्ति सहित अन्य कार्य किया जाना प्रस्तावित किया गया है। राजस्व अधिकारियों का कहना है कि केंद्र में दो बार बैठक टल चुकी है। बैठक में ही तय होगा कि प्रदेश को राहत पैकेज के तौर पर कितनी राशि मिलेगी।