भोपाल। आदेश खांबरा को हत्या करने की सनक रहती है। वह ड्राइवर और क्लीनरों की हत्या करने के पीछे अपना तर्क देता था कि वे चार से पांच दिन परिवार से दूर रहकर कष्ट झेलते हैं। मैं तो उन्हें मारकर इस कष्ट से मुक्ति देता हूं।

यह खुलासा खांबरा के लिए काम करने वाले जयकरण ने रिमांड के दौरान किया है। जयकरण खुद कई सालों से फर्जी लाइसेंस से ट्रक चला रहा था। 11 मील के ढाबे उसके ठिकाने हुआ करते थे। इसके बाद भी उसे पुलिस कभी छू तक नहीं पाई थी। अधिकतर हत्याओं में वह ट्रक चालक से दोस्ती कर उनके साथ 11 मील से सवार हो जाता था। फिर उन्हें ठिकाने लगाकर खांबरा का साथ देता था। उसका कहना है कि वह तो मोहरा है, बॉस खांबरा है। बता दें कि आदेश खांबरा दस साल से अपराध की दुनिया में सक्रिय है। उसने कई ट्रकों को लूटा और कभी भी ड्राइवर को जिंदा नहीं छोड़ा। उसके द्वारा की गई हत्याओं का आंकड़ा 33 तक पहुंच गया है।

एसपी राहुल कुमार ने बताया कि आरोपित के पास से जो डायरी बरामद हुई है उसमें जिन नंबरों को एजेंट का बताया जा रहा है हकीकत में वह ड्राइवर और क्लीनर के हैं, जो उसकी मदद किया करते थे। इनमें से कुछ लोगों को पूछताछ के लिए बुलाया है। वहीं जांच के लिए पुलिस की दो टीमें झारखंड भी रवाना हुई हैं।

दस हजार में बेचा ट्रक का सामान

इस साल अगस्त में शक्कर का ट्रक गायब कर जयकरण प्रजापति उसे आदेश खांबरा को सुपुर्द कर भोपाल आ गया था। वहीं ट्रक मालिक ने महेश शर्मा का कहना है कि जयकरण ने अपना नाम रामकरण बताया था। उसका लाइसेंस भी देखा था लेकिन यकीन नहीं हुआ कि फर्जी था। हां, उसने अपना मोबाइल नंबर दिया था। जयकरण को ट्रांसपोर्टर विष्णु तिवारी मिलाने लाया था। पुलिस ने जयकरण का मोबाइल नंबर ट्रेस किया और उसके घर पहुंच गई। हालांकि तब तक उसे बिलखिरिया पुलिस ने उठा लिया था। पहले तो उसने गुमराह करने की कोशिश की लेकिन सख्ती पर वह टूट गया। उसने बताया कि सामान ट्रक का सामान (पहिए आदि) 10 हजार में बेचकर ट्रक को खांबरा को सौंपा था।

ढाबों पर गहरी पैठ थी खांबरा की

जयकरण और आदेश खांबरा की 11 मील और हाईवे के किनारे स्थित ढाबों पर गहरी पैठ थी। हालांकि कौन ढाबा वाला उनके लिए काम कर रहा है, यह जानकारी एसआईटी को नहीं मिल पाई है। मनोज शर्मा का ट्रक भी हासिल करने के लिए जयकरण 11 मील स्थित एक ढाबे वाले के जरिए विष्णु तिवारी नाम के ट्रांसपोर्टर से मिला था।

ट्रक बरामद, थाने में खड़ा किया

मिसरोद इलाके से करीब दस लाख रुपए की शक्कर को लेकर गायब हुए ट्रक से आदेश खांबरा व उसके साथी तुकाराम को भोपाल पुलिस की टीम ने रायबरेली के पास से गिरफ्तार किया था। उस ट्रक को लेकर भोपाल पुलिस की टीम भोपाल आ गई है। उसे मिसरोद थाने में खड़ा किया गया है।

बाद में 12 चक्कों का ट्रक लूटने लगा

खांबरा की समय के साथ पसंद भी बदलती गई। वह पहले छह चक्कों का ट्रक लूटता था, लेकिन कुछ समय से उसने 12 चक्कों का ट्रक लूटना शुरू कर दिया था। उसे ट्रक चलाना नहीं आता है, इसलिए वह एक आदमी अपने पास रखता है।

पांच और हत्याओं के हो सकते हैं खुलासे

पांच अज्ञात हत्याओं को लेकर भी पुलिस आरोपितों को राडार पर लेकर जांच कर रही है। अगर लिंक मिली तो जल्द इनके खुलासे भी हो सकते हैं।