भोपाल (नप्र)। आय से अधिक संपत्ति मामले में आरोपी पूर्व आईएएस अधिकारी टीनू जोशी ने गुरुवार को कोर्ट में सरेंडर कर दिया। टीनू जोशी की ओर से जमानत अर्जी पेश की गई थी, जिसे कोर्ट ने खारिज कर उसे जेल भेज दिया। दोपहर करीब 1 बजे टीनू जोशी अपने वकील प्रतुल्य शांडिल्य के साथ कोर्ट में हाजिर हो गईं।

तर्कों को सिरे से किया खारिज

इलाज करा रही थी: टीनू

कोर्ट में टीनू की ओर से जमानत अर्जी पेश की गई। इसमें तर्क दिया गया कि वह 2 मई से 11 मई के बीच उदयपुर (राजस्थान) स्थित अस्पताल में कार्डियक इन्टेन्सिव यूनिट में इलाजरत थीं, इसलिए नियत तिथि में कोर्ट में हाजिर नहीं हो सकी। वह पूर्व में भी 13 जनवरी से 2 फरवरी 2015 तक जेल में रही है। वह 60 वर्षीय वृद्ध महिला है। उन्हें अन्य 13 सह आरोपियों की तरह जमानत का लाभ दिया जाना चाहिए।

आवेदन प्रस्तुत कर जानकारी देनी थी: कोर्ट

कोर्ट ने टीनू जोशी की ओर से पेश तर्कों को सिरे से खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा कि यदि आरोपी इलाजरत थी तो उसे उपस्थिति दिनांक को आवेदन पेश कर जानकारी से अवगत कराना था किन्तु ऐसा कोई आवेदन पेश नहीं किया गया। जहां तक महिला होने का प्रश्न है तो वे ग्रामीण परिवेश की अशिक्षित महिला नहीं हैं, बल्कि एक प्रशासनिक अधिकारी रह चुकी हैं।

उन्हें महिला होने से जमानत का लाभ नहीं दिया जा सकता। बीमारी के संबंध में ऐसा कहीं भी दर्शित नहीं होता कि उनका इलाज जेल में रहकर नहीं कराया जा सकता। कोर्ट ने अपने आदेश में आरोपी टीनू जोशी के खिलाफ गंभीर अपराध होने व हाईकोर्ट के निर्देश का पालन न करने पर जमानत देने से इंकार कर दिया।

गिरफ्तारी वारंट जारी हुआ था

गौरतलब है कि लोकायुक्त पुलिस ने पूर्व आईएएस दंपती टीनू और अरविंद जोशी व उनके परिजनों व मित्रों के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति और अवैध निवेश करने का मामला दर्ज किया था। इस मामले में लोकायुक्त ने 1 मार्च 2014 को विशेष न्यायाधीश डीपी मिश्रा की अदालत में अभियोग पत्र पेश किया था। मामले में फरार आईएएस दंपति में टीनू जोशी ने 13 जनवरी 2015 को कोर्ट में सरेंडर कर दिया था।

इस दौरान वह 2 फरवरी तक जेल में रही। हाईकोर्ट ने 30 जनवरी 2015 को टीनू जोशी 3 महीने की अंतरिम जमानत देते हुए 2 मई को विचारण न्यायालय में पेश होने को कहा था। 2 मई को टीनू जोशी कोर्ट में पेश नहीं हुई, जिस कारण उनके खिलाफ 5 मई को गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया था।