भोपाल। एक पंडित पति ने पंडिताई कर अपनी पत्नी को पढ़ा-लिखाकर सब इंस्पेक्टर बनाया और पद मिलते ही पत्नी ने पति के साथ रहने से मना कर दिया। वहीं, दूसरे केस में भी बैंक पीओ बनते ही पत्नी ने पति के साथ रहने से मना कर दिया। कुछ इस तरह के मामले जिला सेवा विधिक प्राधिकरण में पहुंच रहे हैं।

प्राधिकरण में 5 से 6 मामले अफसर पत्नियों के आए हैं, जो ऊंचे ओहदे पर पहुंचने के बाद अपने पतियों के साथ नहीं रहना चाहती। काउंसलर्स का मानना है कि पत्नियां जब किसी विभाग में ऊंचे पदों पर पहुंच जाती हैं तो घर में भी उनका वैसा ही परिवार के साथ बर्ताव होता है। इससे रिश्तों में कड़वाहट बढ़ने लगती है और तलाक तक मामले पहुंच रहे हैं।

बैरसिया निवासी पंडित पति ने अपनी पत्नी को पढ़ा-लिखाकर सब इंस्पेक्टर बनाया, लेकिन पद मिलते ही पत्नी ने पति को उसकी हैसियत दिखा दी। इंदौर में पदस्थ पत्नी ने पति से तलाक का केस लगा दिया। काउंसलिंग में पत्नी ने कहा कि पति की हैसियत नहीं है कि वह मुझे अपने साथ रख रख सके। वहीं, पति ने बताया कि शादी के समय ये कुछ भी नहीं करती थी, लेकिन उसके बाद तीन-चार साल तक उसे पढ़ाया-लिखाया, ताकि अपने पैरों पर खड़ी हो सके। पंडिताई कर भोपाल में रखकर उसे कोचिंग दी और अब अफसर बन गई तो अब मेरे साथ नहीं रहना चाहती।

सब इंस्पेक्टर पत्नी, हवलदार पति के साथ नहीं रहना चाहती

अशोका गार्डन निवासी पुलिस विभाग में सब इंस्पेक्टर की शादी ग्वालियर के एक युवक से हुई। युवक भी पुलिस विभाग में हवलदार था। शादी के कुछ दिनों तक सबकुछ ठीक रहा, लेकिन फिर दोनों के बीच झगड़ा होने लगा। सब इंस्पेक्टर पत्नी और हवलदार पति के बीच पद को लेकर अहम टकराने लगा।

शादी के तीन साल हो गए और बच्चे भी नहीं थे। पत्नी ने तलाक का केस लगा दिया। काउंसलिंग के दौरान पत्नी कहने लगी कि मैं इससे ज्यादा कमाती हूं और मैं अपने से छोटे पद के व्यक्ति के साथ नहीं रह सकती। पति कहीं भी मिलता तो सब इंस्पेक्टर पत्नी मारपीट करने लगती, इसके कारण ससुराल वाले भी परेशान होने लगे। दोनों की काउंसलिंग चल रही है।

बैंक में बन गई पीओ, नहीं रहना चाहती पति के साथ

ईदगाह हिल्स निवासी बैंक पीओ पत्नी और सुपर मार्केट संचालक पति का मामला जिला सेवा विधिक प्राधिकरण में पहुंचा। दोनों की शादी को 7 साल हो गए और एक 5 साल का बेटा भी है, लेकिन अब पत्नी अपने पति के साथ नहीं रहना चाहती। पत्नी ने तलाक का केस लगाया है। काउंसलिंग में पत्नी ने बताया कि जब वह जॉब में नहीं थी तो पति उसे अक्सर ताना मारते थे कि तुम कुछ नहीं कर सकती। अब जब मैं बैंक में पीओ बन गई तो अब मैं इनके साथ नहीं रहना चाहती। दोनों पक्षों की काउंसलिंग चल रही है।

इनका कहना है

आजकल ऊंचे पदों पर पदस्थ पत्नियों के तलाक के मामले काफी आ रहे हैं। जहां अफसर पत्नी खुद से कम रैंक वाले पति के साथ नहीं रहना चाहती हैं। ऐसे मामलों में काउंसलिंग कर दोनों पक्षों को समझाने का प्रयास किया जा रहा है।

शैल अवस्थी, काउंसलर, जिला सेवा विधिक प्राधिकरण